पटना : छपरा के जेपी विश्वविद्यालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा मुख्यमंत्री विकास योजना के पैसे से नहीं लगाये जाने के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह के फैसले पर विधान परिषद में शुक्रवार को भारी हंगामा हुआ. सदस्यों ने कुलपति की बर्खास्तगी की मांग की. हंगामा बढ़ता देख आसन के निर्देश पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने मामले की जांच कराने की घोषणा की. फिर भी सदन शांत नहीं हो पाया.
जेपी विवि के कुलपति ने कहा- मुख्यमंत्री योजना के गंदे पैसे से नहीं लगेगी जेपी की मूर्ति, विधान परिषद में हंगामा
पटना : छपरा के जेपी विश्वविद्यालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा मुख्यमंत्री विकास योजना के पैसे से नहीं लगाये जाने के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह के फैसले पर विधान परिषद में शुक्रवार को भारी हंगामा हुआ. सदस्यों ने कुलपति की बर्खास्तगी की मांग की. हंगामा बढ़ता देख आसन के निर्देश पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन […]

भाजपा के प्रो नवल किशोर यादव और जदयू के रामवचन राय ने कुलपति पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने और शिक्षा विभाग द्वारा उनकी बर्खास्तगी की मांग की. दरअसल, विधान परिषद में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब जदयू के डॉ वीरेंद्र नारायण यादव ने शून्यकाल में कहा कि जेपी विवि के कुलपति ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विकास योजना का पैसा अशुद्ध है और इस पैसे से जेपी की प्रतिमा नहीं बनायी जायेगी.
इतना कहने के बाद सदन में हंगामा मच गया. प्रो नवल किशोर यादव ने कुलपति पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने का प्रस्ताव लाया. इसके बाद सभी सदस्य बारी-बारी से कुलपति को सदन में बुलाने की मांग करने लगे.
जब हंगामा होने लगा, तो आसन ने हस्तक्षेप किया और कहा कि शिक्षा मंत्री को इस मामले में कुछ बोलना चाहिए. तब शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम मामले की जांच करायेंगे, लेकिन इस बात से सदस्य संतुष्ट नहीं हुए. बाद में कार्यकारी सभापति हारूण रशीद के आश्वासन पर सभी सदस्य शांत हुए.
सदन के बाहर डॉ वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि जेपी विवि के रजिस्ट्रार के बदलने का मामला तनवीर अख्तर और गुलाम रसूल बलियावी ने उठाया था. इसी क्रम में यह बात सामने आयी कि वीसी ने अखबार के माध्यम से बयान दिया है कि राजनेताओं के पैसे से जेपी की मूर्ति नहीं लगेगी.
रामवचन राय ने कहा, विशेषाधिकार हनन का मामला चले या बर्खास्त हों कुलपति
जदयू के रामवचन राय ने कहा कि कुलपति ने जो कहा, वह गंभीर बात है. इसके लिए दो ही रास्ते हैं, पहला कि कुलपति पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाया जाये और दूसरा कि विभाग के स्तर से कुलपति को बर्खास्त किया जाये. सदन में उस समय उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी मौजूद थे.
प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा, कुलपति आरएसएस के हार्डकोर सदस्य
प्रेमचंद्र मिश्रा ने सदन के बाहर कहा, जेपी विवि के कुलपति आरएसएस के हार्डकोर सदस्य हैं. इसलिए उपमुख्यमंत्री कहां से कुछ बोल पायेंगे. उन्होंने कहा, ऐसे कुलपति पर कार्रवाई के साथ उनको बनाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो विधायिका को अपमानित कर रहा है.