पटना : हर प्रखंड में एक माध्यमिक विद्यालय मॉडल स्कूल बनेगा. इसके लिए सभी 534 प्रखंडों से एक एक माध्यमिक विद्यालय का चयन किया जायेगा. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के एसपीओ किरण कुमारी ने बताया कि चयनित विद्यालयों को आदर्श रूप से संचालित करने के लिए इनके नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया जायेगा. विद्यालय से नियमित रुप से रिपोर्ट ली जायेगी कि कक्षाएं नियमित समय पर शुरू हो रही हैं या नहीं.
चेतना सत्र में भाग लेने वाले बच्चों की संख्या क्या है. बच्चे अपने स्कूल ड्रेस में आ रहे हैं या नहीं. पेय जल और शौचाालय जैसे आधारभूत सुविधाओं की क्या स्थिति है. साथ ही उन्हें जिले के मॉडल स्कूल के तर्ज पर छात्रों की मासिक जांच परीक्षा लेने और उनका रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा जा सकता है. इससे पता चलेगा कि अध्ययन-अध्यापन की क्या स्थिति है. अगले दो तीन महीने में इस दिशा में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है.
अन्य स्कूलों के लिए आदर्श उपस्थित करना उद्देश्य
किरण कुमारी ने बताया कि ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य प्रखंड के अन्य सभी विद्यालयों के सामने एक आदर्श उपस्थित करना है ताकि वे भी अपने यहां वैसी ही व्यवस्था कायम करें जैसी इन मॉडल स्कूलों में होगी. विदित हो कि प्रदेश के सभी 38 जिलों में पहले से ही एक एक मॉडल स्कूल का चयन कर नियमित मॉनिटरिंग से उनके संचालन व्यवस्था को बेहतर किया गया है.
अब उन स्कूलों में पहले की तुलना में बच्चे समय पर जाने लगे हैं और उनके वेश भूषा में भी अंतर दिखता है. कक्षाओं का संचालन भी वहां नियमित हुआ है और अगले महीने से मासिक जांच परीक्षा भी शुरू हो जायेगी. इन्हीं सफलताओं को देखते हुए प्रखंड स्तर तक भी मॉडल स्कूल बनाने की योजना बनायी गयी है. भविष्य में जिसे संकुल स्तर तक भी बढ़ाया जायेगा.
