पटना : सरकारी कार्यों में पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला दरभंगा में सामने आया है. जहां पांच नालों के निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया में दो साल से ज्यादा समय लग गये, जिससे इनका एस्टिमेट बढ़ गया. विधानसभा में सत्ताधारी दल के विधायक के सवाल से इसका खुलासा हुआ. भाजपा के संजय सरावगी के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने सदन को बताया कि पांच नाले के निर्माण की डिजाइन भी अब तक अंतिम रूप से तैयार नहीं हो पायी है.
इसके कारण दोनार से टिनही पुल तक के नाले का एस्टिमेट पांच करोड़ से बढ़कर 27 करोड़ हो गया है. अभी यह फॉरेस्ट क्लियरेंस के कारण रुका हुआ है. डीएमसीएच से छपरार घाट तक के नाले का एस्टिमेट दो करोड़ से बढ़कर साढ़े 11 करोड़ हो गया है. इसमें भूमि अधिग्रहण करने के लिए रुपये जारी कर दिये गये हैं. मंत्री ने कहा कि फाॅरेस्ट क्लीयरेंस होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. उन्होेंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जायेगी.
मंत्री ने कहा- दरभंगा के इस नाले पर काम होगा शुरू
मंत्री ने कहा कि दरभंगा में पांच बड़े नाले दोनार से टिनही पुल, डीएमसीएच से छपरार घाट, कर्पूरी चौक से सैदनगर भू-गर्भीय नाला, सैदनगर से एकमी घाट और बेता चौक से डीएमसीएच बच्चा वार्ड तक का निर्माण होना है.
इस वित्तीय वर्ष में इनका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जायेगा. विपक्षी सदस्यों ने कहा कि इन नालों का निर्माण नहीं होने से दरभंगा के डीएमसीएच, गांधी नगर, कटरहीया, भेलुचक, कबिरचक, धरमपुर, खानचौक, सदर प्रखंड मुख्यालय समेत कई स्थानों पर पिछले 20 दिनों से दो से तीन फुट पानी लगा हुआ है. राजद के भोला यादव ने कहा कि सारा पानी मेरे क्षेत्र में गिर रहा है. इससे नदी दूषित हो रही है, जिसका पानी पीकर जानवर बीमार पड़ रहे हैं.
