पटना : अब बिप्रसे के अधिकारियों पर कार्रवाई करने से पहले बीपीएससी से लेना होगा परामर्श

पटना : राज्य सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने से संबंधित मामले में संशोधन किया है. इसके तहत अब राज्य सेवा संवर्ग के लेवेल-9 और इससे ऊपर के लेवल के राजपत्रित कोटि के सभी पदाधिकारियों पर किसी तरह की विभागीय कार्रवाई करने से पहले िबहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) […]

पटना : राज्य सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने से संबंधित मामले में संशोधन किया है.
इसके तहत अब राज्य सेवा संवर्ग के लेवेल-9 और इससे ऊपर के लेवल के राजपत्रित कोटि के सभी पदाधिकारियों पर किसी तरह की विभागीय कार्रवाई करने से पहले िबहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से परामर्श करना आवश्यक होगा. इसमें खासतौर से वे पदाधिकारी शामिल होंगे, जिनकी नियुक्ति या प्रोन्नति बीपीएससी करता है. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने बिहार लोक सेवा आयोग (कार्य-सीमन) विनियमावली, 1957 में संशोधन कर दिया है.
इसके तहत किसी पदाधिकारी के पेंशन में कटौती या किसी तरह के वृहद या व्यापक दंड का आदेश देने की स्थिति में आयोग से परामर्श करना आवश्यक होगा. बिना आयोग के परामर्श के इस स्तर के किसी पदाधिकारी पर कोई सख्त विभागीय कार्रवाई नहीं होगी. अगर किसी पदाधिकारी को दंड से मुक्त करना है, तब भी उसे आयोग से पहले परामर्श लेना पड़ेगा.
इसके बाद ही कोई कार्रवाई हो सकेगी. राज्य प्रशासनिक सेवा के राजपत्रित पदाधिकारी के लेवल-9 में डीएसपी, एडीएम समेत राज्य प्रशासनिक सेवा के शुरुआती स्तर के सभी पदाधिकारी आते हैं. इस लेवल से नीचे के किसी पदाधिकारी पर कार्रवाई करने के लिए आयोग से किसी तरह की अनुमति या परामर्श करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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