पटना : पटना विश्वविद्यालय में नैक की टीम का दौरा बुधवार को शाम समाप्त हो गया और पांच बजे तक टीम वापस रवाना हो गयी. तीसरे व अंतिम दिन नैक टीम का ताबड़तोड़ दौरा जारी रहा और वह कई विभागों, लाइब्रेरी व हॉस्टल्स में गयी. बुधवार को अरबी, फारसी, होम साइंस, एंसिएंट हिस्ट्री विभाग के अलावा विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी, जीडीएस हॉस्टल, मनोवैज्ञानिक संस्थान, एनएसएस ऑफिस आदि में टीम ने विजिट किया.
यहां एंसिएंट हिस्ट्री के म्यूजियम में पटना की प्राचीन वस्तुओं व पीयू लाइब्रेरी की दुर्लभ पांडूलिपियों को देख टीम काफी आकर्षित हुई और उसकी काफी सराहना की. टीम ने कहा कि किसी यूनिवर्सिटी में ये सारी चीजें कम देखने को मिलती हैं.
इसके अतिरिक्त टीम रीडिंग रूम व किताबों के रखरखाव आदि का निरीक्षण भी किया. लाइब्रेरी में नैक टीम ने काफी समय बिताया और वहां की व्यवस्था से संतुष्टि जाहिर की. विवि की व्यवस्था व प्रशासन की तारीफ की. लेकिन, साथ ही कुछ सलाह भी दिये कि ब्यॉज हॉस्टलों में जिम की कमी है, जिसे बनवाया जाये और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाये. इसके बाद टीम वहां से निकल गयी.
बैठक में कर्मचारी व शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा : वहीं शिक्षकों व कर्मचारियों से भी टीम ने बातचीत की. बैठक में नैक टीम ने विवि की शिक्षकों व कर्मचारियों के काम की काफी तारीफ की. टीम ने इनसे उनकी समस्या जानना चाहा तो उन्होंने शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी की वजह से अत्यधिक वर्कलोड के बारे में बताया. अंत में एग्जिट मीटिंग एक बार फिर विवि के कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह व उनके अधिकारियों के साथ हुई जिसमें टीम ने स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन प्रो एनके झा ने बताया कि नैक टीम ने लगभग सभी विभागों व विवि मुख्यालय के लगभग सभी सेक्शन के अलावा संस्थाओं व हॉस्टलों का दौरा किया.
टीम ने कहा कि 102 वर्ष पुरानी यूनिवर्सिटी को इतना मेंटेन रखा गया होगा, इसकी उम्मीद नहीं थी. गंगा किनारे के लोकेशन और इसकी सुंदरता की भी काफी तारीफ की. कुछ कमियों के प्रति भी उन्होंने ध्यान इंगित किया.
