पटना : राज्य में नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सरकार ने राहत दी है. नगर विकास विभाग ने उनके चुनाव खर्च की सीमा को दोगुना कर दिया है. प्रत्याशी अब आबादी के अनुरूप 10 से 80 हजार रुपये तक खर्च कर सकेंगे.
राज्य में नगरपालिकाओं की कुल संख्या 143 है. इस संबंध में बिहार नगरपालिका निर्वाचन (संशोधन) नियमावली, 2019 को अधिसूचित कर दिया गया है. इसमें नगर पंचायत, नगर पर्षद व नगर निगम क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों के चुनाव खर्च की सीमा का निर्धारण किया गया है.
नयी नियमावली का सबसे पहला फायदा पटना जिले की खुसरूपुर नगर पंचायत, सीतामढ़ी जिले की डुमरा नगर पंचायत और जनकपुर रोड नगर पंचायत का चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशी उठा सकेंगे. इन तीनों नगर पंचायतों का कार्यकाल अगले साल फरवरी व मार्च में पूरा हो रहा है. नगर पंचायत का चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशियों को चुनावी खर्च की सीमा पहले 10 हजार रुपये थी.
नयी नियमावली के आने के बाद नगर पंचायत के किसी वार्ड के लिए चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाकर अब 20 हजार रुपये कर दी गयी है. इसी तरह से नगर पर्षद के किसी वार्ड के लिए चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा 20 हजार रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 40 हजार रुपये कर दिया गया है.
चुनाव खर्च की सीमा में 100% बढ़ोतरी
143 नगर निकाय हैं राज्य में
49 नगर पर्षद
12 नगर निगम
82 नगर पंचायत
नगर निकायों में चुनाव खर्च की सीमा
नगर निकाय पहले अब
नगर पंचायत Rs 10 हजार Rs 20 हजार
नगर पर्षद Rs 20 हजार Rs 40 हजार
नगर निगम Rs 30 हजार Rs 60 हजार
(10 हजार आबादी तक)
नगर निगम Rs 40 हजार Rs 80 हजार
(20 हजार आबादी तक)
आबादी के अनुरूप होगी नगर निगम में चुनाव खर्च की सीमा : नगर निगमों में वार्ड की आबादी के अनुसार खर्च की सीमा तय है. चार हजार से 10 हजार आबादी वाले वार्ड में चुनाव खर्च की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गयी है. जिस वार्ड की आबादी 10,001 से लेकर 20 हजार होगी, वहां खर्च की सीमा 40 हजार से बढ़ाकर 80 हजार रुपये कर दी गयी है.
