पटना : नगर निगम में सफाईकर्मियों की कमी की भरपाई आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से अप्रैल माह में की गयी. लेकिन, एजेंसी की ओर से कर्मियों को हर माह का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा. वेतन नहीं मिलने से परेशान कर्मी सोमवार की सुबह 9:30 बजे लाठी-डंडा लेकर कंकड़बाग अंचल कार्यालय पहुंचे और हंगामा व तोड़-फोड़ शुरू कर दिया.
कर्मियों के हंगामे व तोड़-फोड़ देख कर सिटी मैनेजर व अन्य स्थायीकर्मी जान बचा कर कार्यालय से भाग निकले. लेकिन, प्रदर्शनकारी आउटसोर्सिंग कर्मियों ने ऑटो स्टैंड के पास निगम का रखे नये टायर को जला कर प्रदर्शन किया और 1:30 बजे तक अंचल कार्यालय का घेराव किया. अधिकारी ने इन कर्मियों को शुक्रवार तक वेतन भुगतान करने का आश्वासन दिया, तो वापस लौट गये.
दो माह से नहीं हुआ है वेतन का भुगतान
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने अंचल कार्यालय में एक कुर्सी और 15-20 गमले तोड़ दिये. इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी के दफ्तर का घेराव कर प्रदर्शन करने लगे.
प्रदर्शन के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी अपने दफ्तर में ही बैठी थी. उग्र प्रदर्शन को देखते हुए आउटसोर्सिंग एजेंसी के प्रतिनिधि निखिल को बताया और कहा कि शीघ्र हंगामा को शांत कराएं. प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना था कि अप्रैल से काम कर रहे हैं. अप्रैल में आधा-अधूरा वेतन मिला. इसके बाद से तीसरा माह खत्म होने वाला है. लेकिन, एक रुपया नहीं मिला है. कर्ज लेकर और घर के गहने गिरवी रख कर परिवार चला रहे हैं.
अंचल क्षेत्र में सफाई कार्य रहा ठप
अंचल कार्यालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 299 सफाईकर्मी और 70 कर्मी टास्क फोर्स में बहाल किये गये. इन कर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान एक भी गाड़ी यार्ड से निकलने नहीं किया. इससे अंचल क्षेत्र में पूरे दिन सफाई कार्य ठप रही.
इससे अंचल में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और कूड़ा प्वाइंटों से कचरे का उठाव नहीं हुआ. एजेंसी के वरीय अधिकारी ने बताया कि एक करोड़ कर्ज लेकर कर्मियों को वेतन दे रहे हैं. निगम से हुए एकरारनामा के अनुसार बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इससे कर्मियों के वेतन नहीं दिया जा रहा है.
