पटना : 12 हजार जल निकायों को मिलेगा जीवनदान, किया जायेगा जीर्णोद्धार

अंचलाधिकारी खोजेंगे जिलों में आहर और पइन पटना : राज्य में अतिक्रमण के शिकार हुए करीब 12 हजार आहर व पइन को खोजने की जिम्मेदारी सीओ को मिली है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर सरकार ने इसकी पहल शुरू कर दी है. राज्य में जल संरक्षण को लेकर शुरू हुई यह कवायद अंजाम तक […]

अंचलाधिकारी खोजेंगे जिलों में आहर और पइन
पटना : राज्य में अतिक्रमण के शिकार हुए करीब 12 हजार आहर व पइन को खोजने की जिम्मेदारी सीओ को मिली है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर सरकार ने इसकी पहल शुरू कर दी है. राज्य में जल संरक्षण को लेकर शुरू हुई यह कवायद अंजाम तक पहुंचे, इसके लिए सीओ को जल निकायों का पुराना नक्शा भी तलाशने को कहा गया है.
राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अनुसार ग्रामीण इलाके में बने पोखर, आहर, पइन, छोटे-छोटे नहर आदि जल निकायों को अतिक्रमण कर लोगों ने कब्जा जमा लिया है. माना जा रहा है कि लगभग 12 हजार जल निकाय अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है. विभाग की ओर से अभियान चला कर जल निकायों को चिह्नित कर अतिक्रमण से मुक्त करा कर उसका जीर्णोद्धार किया जायेगा.
जमीन सर्वे को लेकर हो रही तैयारी
राज्य में पहले चरण में 14 जिले के 11,291 राजस्व गांवों का जमीन सर्वे होगा. इसकी तैयारी हो रही है. जमीन सर्वे के दौरान सरकारी जमीन पर बने पोखर, आहर, पइन, नहर, नाला आदि जल निकायों को चिह्नित कर निकाला जायेगा.
जल संरक्षण की योजना : सुखाड़ की स्थिति व ग्राउंड वाटर लेबल के नीचे जाने को लेकर सरकार जल संरक्षण योजना पर जोर दे रही है. जल संरक्षण नहीं होने का कारण जलश्रोतों पर अतिक्रमण हो गया. पहले भी न्यायालय ने जल निकायों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के संबंध में आदेश दे रखा है.
पटना :राज्य में मनरेगा से खुदेगा कुआं
पटना : विधानमंडल के सदस्यों के जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन के प्रति गंभीरता दिखाने और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरकारी विभाग जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन की कार्ययोजना बनाने में जुट गये हैं.
जल संरक्षण में ग्रामीण विकास विभाग भी बड़ी भूमिका निभायेगा. मनरेगा के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर कुआं खोदने की योजना है. विभाग ने इस दिशा काम शुरू कर दिया है. जल संरक्षण को लेकर विभाग मनरेगा से बड़े पैमाने पर कूप निर्माण की योजना बना रहा है. अभी भी मनरेगा से कुआं की खुदाई होती है.
जल शक्ति अभियान की तर्ज पर विभाग क्रिटिकल जोन वाले प्रखंडों में भी कुआं का निर्माण करायेगा. पीएचइडी से मिले आंकड़े के आधार पर प्राथमिकता के आधार पर उन पंचायतों में कुआं का निर्माण होगा. ये वैसे पंचायत हैं, जहां का जल स्तर काफी नीचे चला गया है. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग इस दिशा में सक्रिय हो गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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