बजट बढ़ा, पर नहीं सुधरी शिक्षा व स्वास्थ्य : विपक्ष

पटना: विधान परिषद में वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्यय पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान कांग्रेस सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि बिहार में बजटीय अाकार बढ़ा है. लेकिन, अनेक विभाग पैसा तक खर्च नहीं कर पाते हैं. स्वास्थ्य व शिक्षा में सुधार नहीं हुआ है. मॉब लिंचिंग का मामला बढ़ गया है, तो ऐसा बढ़ा […]

पटना: विधान परिषद में वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्यय पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान कांग्रेस सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि बिहार में बजटीय अाकार बढ़ा है. लेकिन, अनेक विभाग पैसा तक खर्च नहीं कर पाते हैं. स्वास्थ्य व शिक्षा में सुधार नहीं हुआ है. मॉब लिंचिंग का मामला बढ़ गया है, तो ऐसा बढ़ा बजट किसके लिए है. अपराध बढ़ गये हैं और लोगों का विश्वास पुलिस से उठ गया है.

शिक्षक सड़क पर हैं. डॉक्टर व शिक्षकों की कमी है. आंदोलन करने वाले शिक्षकों पर लाठीचार्ज होता है. मैथिली की पढ़ाई दिल्ली में शुरू हो गयी है, लेकिन बिहार में नहीं हुई. भाजपा के सुमन कुमार ने बजट का समर्थन किया. वहीं, विपक्ष की ओर से सुबोध कुमार ने कहा कि बजट का आकार 2005 के पहले से देखा जाता है, तो उस वक्त पेट्रोल व डीजल की कीमत को भी देखना चाहिए.
बिहार की जनसंख्या को भी देखना चाहिए. शराबबंदी का समर्थन हमने भी किया था और अब भी करते हैं, लेकिन शराब बिहार में घरों तक पहुंच रही है. तस्करी बढ़ गयी है. इसलिए हम बजट का समर्थन नहीं करते हैं. अगर बड़े बजट के बारे में चर्चा करनी है, तो पिछले पांच या 10 साल के बजट को देखें.
इसी दौरान मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि आज यह तो मानते हैं ना कि बिजली हर घर तक पहुंच गयी है. इस पर सुबोध कुमार ने कहा कि अपने स्वास्थ्य केंद्रों में डीजल खर्च को देख लें और इसके बाद कहें कि अस्पताल में डीजल का खर्च आखिर इतना क्यों है. जबकि, 24 घंटे बिहार में बिजली है.

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