कॉलेज द्वारा सर्टिफिकेट रखने से दूसरी जगह भी नामांकन नहीं हुआ
छात्रों ने कहा जब एडमिशन नहीं लेना था तो क्यों लिया डॉक्यूमेंट्स
पटना : पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज में नामांकन नहीं होने पर बड़ी संख्या में छात्रों ने कॉलेज में हंगामा किया और इसके बाद वे विवि मुख्यालय पहुंचे.
वहां भी छात्रों ने जोरदार हंगामा किया और सभी छात्रों का नामांकन लेने की मांग की. छात्रों का कहना था कि कॉलेज के द्वारा चालीस अंक से ऊपर अंक प्राप्त करने वाले सभी छात्रों का ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स मांगकर रख लिया गया. बाद में कहा गया कि सीटें फुल हो गयी हैं और अब नामांकन नहीं होगा. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के द्वारा सर्टिफिकेट रखने की वजह से वे दूसरे कॉलेज में भी नामांकन से वंचित हो गये. छात्रों का कहना था कि जब एडमिशन ही नहीं लेना था तो सर्टिफिकेट क्यों लिया गया. अब वे सर्टिफिकेट लेकर भी क्या करेंगे?
पटना कॉलेज में चूंकि पहले सीटें खाली थीं और ऐसा लग रहा था कि सीटें नहीं भरेंगी तो कॉलेज के द्वारा कट ऑफ गिरा दिया गया. आर्ट्स में 40 अंक से अधिक लाने वाले सभी छात्रों को काउंसेलिंग के लिए बुलाया गया और खाली सीटें पर नामांकन के लिए काउंसेलिंग की गयी.
इस दौरान उनका सर्टिफिकेट भी ले लिया गया लेकिन उसके बाद मंगलवार को यह कहते हुए नामांकन क्लोज कर दिया गया कि सीटें फुल हो गयी हैं. इसके बाद जिन छात्रों का डॉक्यूमेंट्स रखा गया था, वे नामांकन नहीं होने से आक्रोशित हो गये और हंगामा करने लगे. उनका कहना था कि उनका कहीं और नामांकन हो सकता था लेकिन कॉलेज के द्वारा डॉक्यूमेंट्स रखे जाने की वजह से उनका नामांकन नहीं हुआ.
छात्रों ने कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह से मुलाकात कर इसकी शिकायत भी की और उनको लिखे शिकायत पत्र में अनियमितता का भी आरोप लगाया. प्रतिनिधिमंडल में पीयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव राजा रवि, छात्र नेता आदित्य आर्यन समेत कई लोग मौजूद थे. कुलपति ने मामले पर विचार कर कोई उपाय निकालने का आश्वासन छात्रों को दिया है.
काउंसेलिंग में बुलाकर डॉक्यूमेंट्स नहीं रखा जाना चाहिए था, यह गलती हुई है. अगर इस वजह से किसी छात्र का नामांकन होने से कहीं रह गया है तो विवि वैसे छात्रों का नामांकन उक्त जगह कराने का प्रयास करेगी. सिर्फ उन्हीं छात्रों का जिनका कहीं नामांकन के लिए सेलेक्शन हुआ था.
प्रो एनके झा, स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन, पीयू
छात्र जो भी पढ़ें, बिहार के विशेष संदर्भ में पढ़ें
बीपीएससी की तैयारी करते समय छात्रों को सबसे पहले यह ध्यान देना चाहिए कि जो भी पढ़ें, बिहार के विशेष संदर्भ में पढ़ें. पीटी परीक्षा में सिलेबस के आठ मुख्य भाग हैं- सामान्य विज्ञान, समसामयिक घटनाएं, इतिहास, सामान्य भूगोल, राज्य व्यवस्था, आर्थिक व्यवस्था, राष्ट्रीय आंदोलन और सामान्य मानसिक योग्यता. इनकी तैयारी के लिए एनसीइआरटी के पुस्तकों को आधार बनाये जाने, उसकी छठी से 12 तक के पुस्तकों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और उनमें उल्लेखित मूलभूत अवधारणा को समझने की जरूरत है.
साथ ही, उससे संबंधित अद्यतन विकास की जानकारी भी लेनी चाहिए क्योंकि विगत दो-तीन वर्षों से विषय के मूलभूत अवधारणा से संबंधित समसामयिक विकास को मिला कर प्रश्न पूछे जाने की प्रवृति रही है. ऐसा करने पर बहुवैकल्पिक प्रश्नों में कनफ्यूजन का स्कोप कम हो जायेगा. बिहार के विशेष संदर्भ में जानकारी जुटाने के लिए बजट और आर्थिक समीक्षा के साथ साथ इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्रियों की सहायता भी लेनी चाहिए.
बीपीएससी की संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में लगभग पांच लाख छात्र आवेदन करते हैं. उनमें आधे से अधिक प्रारंभिक परीक्षा में शामिल भी होते हैं. ऐसे में किसी भी स्तर पर यह परीक्षा आसान नहीं है. इसकी तैयारी के लिए दो चीजें बेहद महत्वपूर्ण हैं, पहला सफलता पाने की दृढ़ इच्छाशक्ति होनी चाहिए. दूसरा परीक्षा की तैयारी उचित मार्गदर्शन में और नियमित रुप से होनी चाहिए.
छात्र को यह निर्धारित कर लेना चाहिए कि कब से कब तक वह सबसे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकता है. स्टडी शेडयूल तय करते समय परीक्षा के टाइम टेबल का भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि हमारा शरीर और मस्तिष्क एक समय में लगातार एक ही काम करने से उस समय को एडॉप्ट कर लेता है और उसमें एकाग्रता स्तर बहुत बेहतर होती है.
