पटना : राज्य सरकार ने क्रेडिट कार्ड योजना (एससीसी) के तहत प्रावधानों में कुछ बदलाव किये हैं. इसके तहत अब राज्य के बाहर इन मानकों पर खरा उतरने वाले निजी कॉलेजों में ही एडमिशन लेने पर छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
जिन निजी कॉलेजों के पास नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की तरफ से दिये न्यूनतम ग्रेड-ए सर्टिफिकेट हो या संस्थान में संचालित कार्यक्रमों का नेशनल बोर्ड ऑफ एग्रीडिएशन (एनबीए) की तरफ से एग्रीडिएशन प्राप्त हो अथवा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से निर्गत एनआइआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क) की रैंकिंग प्राप्त है.
सिर्फ निजी कॉलेजों पर ही लागू होगा प्रावधान
संस्थान के पास इन तीनों में कोई एक या सभी से मान्यता प्राप्त हो. इसके अलावा संबंधित निजी कॉलेज को केंद्रीय या संबंधित राज्य के नियामक एजेंसी से भी मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है. इन मानकों पर खरा उतरने वाले निजी कॉलेजों में ही नामांकन लेने पर छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ दिया जायेगा.
हालांकि, ये प्रावधान सिर्फ निजी कॉलेजों पर ही लागू होंगे. अगर राज्य के बाहर किसी सरकारी कॉलेज खासकर आइआइटी या एम्स या ऐसे किसी नामचीन संस्थान में नामांकन लेना है, तो इन मानकों की कोई जरूरतनहीं पड़ेगी.
छात्रों के सर्टिफिकेट की रैंडम जांच करायी जायेगी
राज्य सरकार ने एससीसी में इन मानकों को तय कर इस योजना से संशोधित मार्गदर्शिका की स्वीकृति दे दी है. इसका प्रचार-प्रसार भी तेजी से किया जा रहा है. ताकि सभी छात्रों को इसकी समुचित जानकारी मिल सके.
इन नये बदलाव के साथ ही एससीसी से संबंधित वेबसाइट की कॉलेज वाले मेनू को संशोधित किया जा रहा है. इसमें उन्हीं चुनिंदा निजी कॉलेजों को शामिल किया जा रहा है, जो इन मानकों पर पूरी तरह से सही पाये जा रहे हैं. इस तरह से वेबसाइट पर कॉलेज की मेनू नये सिरे से तैयार की जा रही है. इस वजह से एससीसी की वेबसाइट थोड़े समय के लिए धीमी या ठीक से नहीं चल पा रही है. हालांकि, यह एक-दो दिन में सुचारु ढंग से शुरू हो जायेगी. लाभ पाने वाले छात्रों के सर्टिफिकेट की रैंडम जांच करायी जायेगी.
