पटना : हर बार अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर में शुरू होने वाला डेंगू इस बार अपने शहर में एक माह पहले ही आ गया है. अब तक पीएमसीएच के वायरोलॉजी लैब ने तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि भी कर चुका है. इतनी जल्दी डेंगू की शुरुआत के कारण स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है और शहर में डेंगू प्रभाव की जांच कर 16 इलाकों को संवेदनशील घोषित भी कर दिया है. एक्सपर्ट डॉक्टरों की मानें, तो समय से पहले बीमारी की दस्तक बेहद खतरनाक है. ऐसे में लोगों को पहले ही विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
40 दिन पहले आया डेंगू : आमतौर पर बारिश के बाद ही डेंगू की दस्तक होती है. मौसम विभाग ने जुलाई के पहले हफ्ते में माॅनसून आने की संभावना जतायी थी. ऐसे में डेंगू का खतरा जुलाई से ही शुरू हो गया है. मगर, पिछले साल डेंगू की दस्तक अगस्त में हुई थी, जिसकी वजह से जिम्मेदार अभी इसके लिए किसी तरह की तैयारी नहीं कर रहे हैं. जब बारिश पूरी तरह शुरू हो जायेगी और इसके केस अधिक होने लगेंगे, तब जाकर जिम्मेदार जागेंगे.
विशेष व्यवस्था के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 16 इलाकों को डेंगू सेंसेटिव घोषित कर विशेष व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया है. वहीं, संवेदशील इलाकों में ट्रांसपोर्ट नगर, कंकड़बाग, गर्दनीबाग, मीठापुर, मैनपुरा, राजेंद्र नगर, कृष्णा नगर, पीएंडटी कॉलोनी, बुद्धा कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, राजीव नगर, महेंद्रु, बाजार समिति, पत्थर की मस्जिद, खाजेकला व इंद्रपुरी क्षेत्र हैं.
इसलिए पहले आया डेंगू
जलजमाव की स्थिति से डेंगू का प्रभाव बढ़ा है. जिनको डेंगू हुआ है, उन लोगों ने बताया कि बारिश के समय भी वो कूलर का उपयोग कर रहे थे. वहां पानी जमाव के कारण भी डेंगू हुआ है. इसके अलावा लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लोग बुखार में तत्काल अस्पताल में आ जा रहे हैं और जांच होने से स्थिति स्पष्ट हो जा रही है.
—डाॅ मनोज कुमार सिन्हा, अधीक्षक, गार्डिनर रोड अस्पताल
दें ध्यान
साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
डेंगू बुखार एडिज एजप्टिाइज मच्छर के काटने से होता है
साफ पानी में ही अंडे देता है यह मच्छर
घर या ऑफिस में लगे कूलर, गमले, ओवरहेड टैंक, टायर या फिर रुके पानी में इसके अंडे मिलते हैं
दिन में ही काटता है डेंगू का यह मच्छर
