पटना के पुलिस पदाधिकारियों को तलब कर सकता है हाइकोर्ट
पटना : दीघा थाना से जुड़े अपहरण के एक बेहद संवेदनशील मामले में रिट के बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के अंदर इस मसले पर कोर्ट में जवाब देने को कहा है.
दरअसल 22 जून 2018 को आठ वर्ष की लड़की का अपहरण कर लिया गया. एक साल बीत गये, लेकिन पुलिस ने न तो लड़की को बरामद ही किया और न ही नामजद आरोपित को गिरफ्तार कर सकी. थाने और पुलिस पदाधिकारियों का चक्कर लगाने के बाद पीड़ित लड़की का पिता राजकुमार राय हाइकोर्ट की शरण में पहुंचा. उसने कांड संख्या 395/2018 के संबंध में रिट याचिका दाखिल की.
हाइकोर्ट में न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने इस रिट याचिका पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से नोटिस पर जवाब तलब किया है. इस संबंध में हाईकोर्ट पटना के पुलिस पदाधिकारियों को तलब कर सकती है. हाइकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद अपह्त लड़की के पिता राजकुमार को उम्मीद है कि उसकी बेटी अब बरामद हो जायेगी.
मकान मालिक और उसके बेटे पर है अपहरण का आरोप : गायब लड़की के पिता राजकुमार राय नकटा दियारा का रहने वाले हैं. वह गांव के ही रहने वाले रवींद्र प्रसाद के दीघा स्थित मकान में किरायेदार थे. दोनों में मोबाइल टूटने और पैसों को लेकर विवाद हुआ.
इसके बाद मकान मालिक ने राजकुमार की बेटी को गायब करने की धमकी दिया था. इसके बाद 22 जून 2018 को गांव में एक भोज कार्यक्रम के दौरान उसकी बेटी गायब हो गयी. पांच अगस्त 2108 को पुलिस ने इस मामले में राजकुमार के आवेदन पर रवींद्र प्रसाद और उसे बेटे मनोज राय उर्फ मनोहर राय के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया. लेकिन कार्रवाई नहीं कर सकी.
