अनुज शर्मा
पटना : राज्य में साइबन क्राइम के एक नये मामले में दरभंगा के जेएलएनएम कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर प्रेमचंद्र प्रसाद के साथ 33 लाख की ठगी हो गयी. मुंगेर के सरबर आलम के खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिये गये, जबकि दोनों पीड़िताें ने इंटरनेट बैंकिग की सेवा कभी भी ओपन नहीं करायी थी. मामले की जांच इओयू कर रही है.
प्रो प्रेम चंद्र प्रसाद का दरभंगा विश्विविद्यालय परिसर स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया में खाता है. सात फरवरी को उनके खाते से किसी ने पांच बार में चार लाख आठ हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर कर लिये. उन्होेंने रात में ही बैंक कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज करायी और एटीएम बंद करा दिया. सुबह बैंक और थाने जाकर शिकायत दर्ज करायी.
इसके सात दिन बाद पेेंशन के 75 हजार रुपये अकाउंट से चले गये. कुछ दिन बात पता चला कि साइबर अपराधियों ने उनकी एक एफडी पर 15 और दूसरी पर 13 लाख रुपये का आनलाइन लोन ले लिया. इसी प्रकार आइटीसी मुंगेर में सर्विस करने वाले सरबर आलम के पास रात 11: 31 पर खाते से 20 हजार रुपये आनलाइल ट्रांसफर का एसएमएस आया. उन्होंने तत्काल एसबीआइ के टोल फ्री नंबर पर मदद मांगी.
एटीएम आदि ब्लाक करा दिया. 12: 01 मिनट पर फिर 40 हजार रुपये निकल गये. बैंक के टोल फ्री नंबर पर फिर बात की तो बताया गया कि खाता तक ब्लाक कर दिया गया है. इसके बाद भी सरबर आलम के खाते से सुबह चार बजे 20 हजार रुपये निकाल लिये गये.
