बिहटा : सरकार की नीति व नीयत किसानों के पक्ष में नहीं

बिहटा : किसान जन नायक स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मभूमि बिहटा में भारतीय किसान संघ का अखिल भारतीय प्रबंध समिति की तीन दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हुई. पटना जिले के एमआइटी परिसर बिहटा में पांच से सात जुलाई तक चली इस बैठक में जम्मू- कश्मीर से केरल व राजस्थान से लेकर गुजरात सहित देश […]

बिहटा : किसान जन नायक स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मभूमि बिहटा में भारतीय किसान संघ का अखिल भारतीय प्रबंध समिति की तीन दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हुई.
पटना जिले के एमआइटी परिसर बिहटा में पांच से सात जुलाई तक चली इस बैठक में जम्मू- कश्मीर से केरल व राजस्थान से लेकर गुजरात सहित देश भर के किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में किसानों की समस्याओं और उनकी स्थिति पर संघ ने गहन चिंतन-मंथन करने के बाद कहा कि सरकार की नीति व नीयत अभी भी पूरी तरह किसानों के संपूर्ण पक्ष में नहीं है. बैठक में यह बात उभर कर आयी कि यद्धपि बीज किसानों का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर सबसे ज्यादा परेशानी इनको झेलनी पड़ती है.
इसलिए इस संदर्भ में बीज किसानों के मौलिक अधिकार में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया गया व सरकार से इसको लागू करने की मांग की गयी. बैठक में कहा गया कि पिछले दिनों से जिस तरह अनैतिक रूप से गैरकानूनी बीज जीएम कपास व जीएम बैगन को बाजार में लाया जा रहा है, यह देश की संप्रभुता पर बड़ा आघात है. कार्यकारिणी की यह बैठक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन वसवे गौड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई.
संचालन महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने किया. इसमें राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश दत्रात्रेय कुलकर्णी, उपाध्यक्ष प्रभाकर केलकर, मोहनी मोहन मिश्र, गणेशन आदि प्रमुख पदाधिकारियों ने तीन दिनों तक चिंतन-मंथन किया.

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