पटना : भारत के डिजिटलीकरण के दौर में जहां लघु एवं मध्यम उद्योगों को विश्व बाजार में पहुंचने का अवसर प्राप्त हुआ है, वहीं आज भी एमएसएमइ सेक्टर संकटों से जूझ रहा है. एमएसएमइ सेक्टर रोजगार के लिए और निर्यात के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी है. ये बातें चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बिहार चैप्टर के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह ने कहीं.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण एमएसएमइ सेक्टर को राजस्व पैदा करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ते आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सरकार को इस बार के केंद्रीय बजट में एमएसएमइ सेक्टर को कर में छूट अौर कार्यशील पूंजी के लिए पूंजी की व्यवस्था को लेकर विशेष पैकेज की घोषणा होने की उम्मीद है.
सिंह ने कहा कि एमएसएमइ सेक्टर को लोन मिलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और बैंकों से लोन मिलना मुश्किल होता जा रहा है. सरकार को एमएसएमइ सेक्टर के लिए अलग से बैंक का गठन करना चाहिए, जिससे कि एमएसएमइ सेक्टर को अलग से लोन उपलब्ध होगा.
उन्होंने कहा कि जीएसटी के स्लैब में कर की दरों को घटाने की जरूरत है और जीएसटी स्लैब को दो दरों में ही रखने की आवश्यकता है. आज भी औद्योगीकरण एक जटिल समस्या है. इसके निदान के लिए केंद्र सरकार को इस बजट में राज्यों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने को विशेष घोषणा वित्त मंत्री कर सकती हैं. इससे राज्यों में औद्योगीकरण की गति तेज होगी.
