राज्य में होने लगा पानी का संकट, राज्य सरकार की बढ़ रही चिंता
पटना : राज्य में पेयजल की कमी और घटते ग्राउंड वाटर लेवल का संकट गहरा रहा है. इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य सरकार लगातार चिंता जता रही है. जल संरक्षण (रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ग्राउंड वाटर रिचार्ज) के उपायों पर लगातार विचार हो रहा है, लेकिन राज्य के किसी भी सरकारी भवन में इसकी व्यवस्था नहीं है.
यहां तक कि 30 जून, 2019 को उद्घाटन किये गये जल भवन और उसके पहले बने सरदार पटेल भवन में भी इसकी व्यवस्था नहीं है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले एक साल में सभी सरकारी भवनों में जल संरक्षण की व्यवस्था करने का अधिकारियों को निर्देश दिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग के द्वारा बिल्डिंग बायलॉज में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान किया गया है.
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि करीब तीन अरब पांच करोड़ रुपये की लागत से बने सरदार पटेल भवन का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2018 को हुआ था. वहीं करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से बने जल भवन का उद्घाटन 30 जून को किया गया था. अन्य सरकारी भवन इससे पुराने हैं. राज्य में ग्राउंड वाटर लेवल घटने और पेयजल संकट का आभास करीब एक दशक से मिल रहा है. वहीं यह समस्या प्रमुखता से वर्ष 2015 से ही सामने आने लगी थी, लेकिन संकट गहराने पर सबका ध्यान इस तरफ गया है.
सरकारी भवनों में जल संरक्षण पर होगा काम
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों का कहना है कि सरकार के निर्देश पर राज्य के सरकारी भवनों में जल संरक्षण संबंधी व्यवस्था करने के उपाय किये जायेंगे. सभी भवनों का आकार, लंबाई-चौड़ाई अलग-अलग है, इसलिये प्रत्येक भवन के अनुसार ही जल संरक्षण के उपाय तय होंगे और उस पर आने वाले खर्च की जानकारी मिल सकेगी.
