पटना : अब सरकार भी बनायेगी रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज

पटना : अब तक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) केंद्रीय एजेंसी इरकॉन ही बनाती रही है. इससे इसकी स्वीकृति और बनने में लंबा समय लग जाता है. जरूरतों और कार्य की गति में सुधार को ध्यान में रखकर राज्य सरकार भी अब रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) का निर्माण करायेगी. आरओबी […]

पटना : अब तक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) केंद्रीय एजेंसी इरकॉन ही बनाती रही है. इससे इसकी स्वीकृति और बनने में लंबा समय लग जाता है. जरूरतों और कार्य की गति में सुधार को ध्यान में रखकर राज्य सरकार भी अब रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) का निर्माण करायेगी.
आरओबी या आरयूबी बनाने के लिए राज्य सरकार और रेलवे के बीच करार हो गया है. सरकार की इस पहल से अब रेल पुलों और अंडरपास का निर्माण तेज गति से हो सकेगा. एक आकलन के अनुसार बिहार में 1380 रेलवे क्रासिंग हैं.
इनमे से कई ऐसे क्रासिंग हैं, जहां बड़ी संख्या में ट्रेनों की आवाजाही होती है. एक लाख से अधिक ट्रेन व्हीक्ल यूनिट (टीवीयू) होने पर ही आरओबी या आरयूबी का निर्माण किया जाता है. इस मानक के अनुसार बिहार में 131 क्राॅसिंग हैं, जहां का टीवीयू एक लाख से अधिक है. रेलवे और राज्य सरकार ने इस बात पर सहमति जतायी है कि इन क्राॅसिंग के स्थान पर आरओबी और आरयूबी का निर्माण कराया जाये. कुछ जगहों पर निर्माण जारी है.
आरओबी या आरयूबी नहीं होने के कारण लंबा जाम लगने की समस्या बनी रहती है, जिसका यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है. वैसे अभी राज्य सरकार राज्य उच्च पथ या बृहत माध्यम सड़कों पर अपना पैसा खर्च कर आरओबी या आरयूबी का निर्माण करा रही है, लेकिन रेलवे क्राॅसिंग होने पर आरओबी या आरयूबी बनाने में केंद्र सरकार की भी मंजूरी जरूरी होती है. यातायात सुगम बनाने और जान-माल का नुकसान रोकने के लिए पथ निर्माण विभाग ने अपने स्तर से आरओबी और आरयूबी बनाने का निर्णय लिया है.
निर्माण की प्रक्रिया में देरी न हो, इसे देखते हुए राज्य सरकार ने तय किया है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम भी आरओबी या आरयूबी का निर्माण करेगा. इसके लिए इसी माह पथ निर्माण विभाग, पुल निर्माण निगम, पथ परिवहन निगम, रेलवे बोर्ड और पूर्व मध्य रेलवे के बीच करार हुआ है.
आरओबी या आरयूबी बनाने में खर्च होनेवाली राशि में 50% राज्य सरकार तो 50% केंद्र सरकार वहन करेगी. अगर एक लाख टीवीयू से कम वाले क्राॅसिंग पर राज्य सरकार आरओबी या टीयूबी बनाना चाहे तो उसे शत प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी.
पथ निर्माण आरओबी या आरयूबी बनाने वाले क्राॅसिंग की पहचान करेगा. जमीन अधिग्रहण का काम राज्य सरकार का होगा. एप्रोच रोड बनाने का जिम्मा राज्य सरकार का ही होगा, लेकिन पटरी के ऊपर बनने वाले ब्रिज की तकनीकी जांच रेलवे के अधिकारी करेंगे. निर्माण के दौरान ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो, यह सुनिश्चित किया जायेगा.
वैशाली, सारण और पश्चिमी चंपारण में 107 करोड़ रुपये से बनेंगे आरओबी
वैशाली, सारण और पश्चिमी चंपारण में आरओबी बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इन जिलों में आरओबी बनाने के लिए आवश्यक राज्य के हिस्से की राशि 107 करोड़ 30 लाख पथ निर्माण विभाग ने जारी की है.
आरओबी बनने से रेलवे क्राॅसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल जायेगा. वैशाली के गोरौल रेलवे स्टेशन के समीप लेवल क्रासिंग संख्या 23 बी के स्थान आरओबी बनाया जाना है. आरओबी और पहुँच पथ निर्माण पर 29 करोड़ चार लाख खर्च होंगे. सारण के गोल्डन गंज स्टेशन के समीप रेलवे क्रासिंग संख्या 32 सी के स्थान पर बनने वाले आरओबी पर 31 करोड़ 37 लाख खर्च होंगे.
जबकि बेतिया छावनी के समीप लेवल क्रासिंग संख्या दो के स्थान पर बनने वाले आरओबी पर 46 करोड़ 88 लाख होंगे| विभाग के स्वामित्व वाले पथों में उपरोक्त स्थानों पर ओवरब्रिज व पहुँच पथ निर्माण के लिए रेलवे ने 214 करोड़ 63 लाख की डीपीआर भेजी थी| इसमें से राज्य सरकार को 107 करोड़ 30 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गयी है.

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