पटना : बेशक सीबीएसइ ने इस बार टॉपरों की कतार लगा दी हो, लेकिन इस चमकदार रिकॉर्ड के पीछे कुछ असफलताएं भी हैं. दरअसल कई ऐसे स्कूल भी हैं, जिनका 10 वीं और 12 वीं का रिजल्ट इस साल अच्छा नहीं रहा. हालांकि सीबीएसइ इस पर सख्त हुआ है. पटना रीजन में सीबीएसइ ने अपने से संबद्ध ऐसे 472 स्कूलों को नोटिस थमा दिया है, जिनके रिजल्ट इस साल औसत से भी खराब रहे हैं.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अकेले बिहार के 300 स्कूलों को नोटिस भेजे गये हैं. इनमें करीब 200 स्कूल ऐसे हैं, जिनका रिजल्ट 40 फीसदी या उससे कम रहा है. उल्लेखनीय है कि पटना रीजन में करीब 890 सीबीएसइ से संबद्ध स्कूल हैं. इस साल पटना रीजन में बिहार का रिजल्ट सबसे खराब रहा था.
सभी स्कूलों को दी जायेगी ग्रेडिंग
सीबीएसइ की ओर से अब स्कूलों के परीक्षा परिणाम के मुताबिक उन्हें ग्रेडिंग दी जायेगी. यह ग्रेड ए से लेकर डी केटेगरी तक का होगा. इसमें उन स्कूलों को शामिल किया जायेगा, जिन स्कूलों का बोर्ड रिजल्ट इस साल 60 फीसदी से कम रहा है.
फिलहाल इस ग्रेडिंग के पीछे बोर्ड का तर्क है कि जब वह स्कूलों की ग्रेडिंग तय कर लेगा, तो इसके बाद ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेगा. कुल मिला कर सीबीएसइ ने कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों के प्रदर्शन पर नाराजगी जतायी है. सीबीएसइ ऐसे स्कूल जिनके लगातार तीन साल खराब रिजल्ट रहे हैं, उन पर पेनाल्टी भी लगा सकता है. जानकाराें के मुताबिक खराब रिजल्ट वाले अधिकतर स्कूल वे हैं, जहां फ्लाइंग स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है.
