पटना : आयकर विभाग ने हाल के दिनों में टैक्स रिफंड के नियमों में बदलाव किया है. नये नियम के तहत आयकर विभाग केवल इ-रिफंड जारी कर रहा है. यानी रिफंड सीधे आयकरदाता के बैंक अकाउंट में भेजा जा रहा है. अगर आपने इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन में कम रकम का जिक्र किया और टैक्स बचत के लिए वास्तव में निवेश अधिक कर दिया तो सीमा से अधिक काटा गया टैक्स आपको रिफंड के जरिये वापस मिल जाता है.
इ-रिफंड पाने को बैंक खाते को पैन से करना होगा लिंक
पटना : आयकर विभाग ने हाल के दिनों में टैक्स रिफंड के नियमों में बदलाव किया है. नये नियम के तहत आयकर विभाग केवल इ-रिफंड जारी कर रहा है. यानी रिफंड सीधे आयकरदाता के बैंक अकाउंट में भेजा जा रहा है. अगर आपने इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन में कम रकम का जिक्र किया और टैक्स बचत के […]

नये नियम के तहत आयकर विभाग रिफंड सीधे आयकर दाता के बैंक अकाउंट में भेज रहा है. वरीय चार्टर्ड अकाउंटेंट मशींद्र कुमार मशी ने बताया कि टैक्स रिफंड पाने के लिए आयकरदाताओं को अपने बैंक अकाउंट को पैन से लिंक करना होगा. बैंक खाता सेविंग, चालू या ओवरड्राफ्ट अकाउंट हो सकता है. इनकम टैक्स की वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर खाते को पैन से लिंक कर सकते हैं.
सीधे अकाउंट में मिलेगी रकम
उन्हाेंने बताया कि इससे अायकरदाता को टैक्स रिफंड सीधे बैंक अकाउंट में मिल जायेगा जो पूरी सुरक्षित है. फिलवक्त में आयकर विभाग आयकरदाता को रिफंड उनके बैंक अकाउंट या बैंक चेक के द्वारा करता है. मशी के अनुसार अगर आपका इनकम टैक्स रिफंड बाकी है. उस मामले में भी जिसमें की आप लीगल हेयर की तरह रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तब भी नयी व्यवस्था की तरह आपको अपने रिफंड के लिए ऑनलाइन अप्लाइ करना है. इस रिफंड प्रक्रिया के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता है. यह रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था ऑनलाइन है. नये नियम के अनुसार आपको आयकर विभाग जाने की जरूरत नहीं है.