पटना : यूरोलॉजी सर्जरी में लैप्रोस्कोपी तकनीक वरदान

पटना : आइजीआइएमएस के यूरोलॉजी विभाग की ओर से एडवांस लेप्रोस्कॉपी सर्जरी पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. रविवार को संस्थान के सभागार में आयोजित इस सेमिनार का उद्घाटन बिहार यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ रनबीर प्रसाद सिंह व विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार ने किया. जानकारी देते हुए डॉ विजय कुमार […]

पटना : आइजीआइएमएस के यूरोलॉजी विभाग की ओर से एडवांस लेप्रोस्कॉपी सर्जरी पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. रविवार को संस्थान के सभागार में आयोजित इस सेमिनार का उद्घाटन बिहार यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ रनबीर प्रसाद सिंह व विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार ने किया.

जानकारी देते हुए डॉ विजय कुमार ने कहा कि कार्यक्रम में देश भर से आए यूरोलॉजस्टि विशेषज्ञों ने मरीज के उपचार में लेप्रोस्कॉपी सर्जरी की तकनीक व उसकी उपयोगिता पर मंथन किया. वहीं सोसाइटी के सचिव डॉ खालीद मोहम्मद ने कहा कि लेप्रोस्कॉपी सर्जरी (दूरबीन शल्य चिकित्सा पद्धति) मरीजों के उपचार में वरदान साबित हुई है.

इस शल्य चिकित्सा पद्धति को की-होल सर्जरी या पिनहोल सर्जरी भी कहा जाता है. आज अधिकांश मेजर सर्जरी दूरबीन पद्धति से की जा रही है. इस सर्जरी के बाद मरीजों को ठीक होने और काम पर लौटने में कम समय लगता है. इस मौके पर काफी संख्या में मूत्र रोग विशेषज्ञ उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >