पटना : छह वर्षों में ऑटो का किराया डेढ़ से ढाई गुना तक बढ़ गया है. इससे आम लोग बेहाल हैं. ऑटो चालक इसे पेट्रोल-डीजल की कीमत में होनेवालीलगातार वृद्धि का नतीजा बताते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि फरवरी 2013 की तुलना में डीजल कीवर्तमान दर 26 फीसदी जबकि पेट्रोल की केवल दो फीसदी अधिक है. ऐसे में किराया में इतनी अधिक वृद्धि तार्किक नहीं प्रतीत होती और लोग इसे ऑटो चालकों की मनमानी करार दे रहे हैं. क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पर ऑटो किराया को निर्धारित करने की जिम्मेदारी है पर उसने मामले में आंख मूंद रखी है.
बढ़ा, पर कम नहीं हुआ किराया
पेट्रोल डीजल की कीमत पिछले वर्ष बहुत तेजी से बढ़ रही थी और यह 80 रुपये प्रति लीटर को पार कर चुकी थी. ऐसे में ऑटो चालकों के द्वारा किराया बढ़ाना कुछ हद तक सही था, लेकिन चार राज्यों के विधानसभा परिणाम के बाद जब पेट्रोल डीजल की कीमत में तेज गिरावट आयी, उसके बाद भी ऑटो का किराया नहीं घटा.
27 वर्षों में केवल दो बार निर्धारित हुआ किराया
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार जिस पर किराया निर्धारित करने की जिम्मेदारी है, अपने काम के प्रति कितनी संवेदनशील है इसे महज इससे समझा जा सकता है कि पिछले 27 वर्षों में उसने केवल दो बार पटना शहर का ऑटो किराया तय किया है. पहली बार 28 सितंबर 1992 को और दूसरी बार 21 वर्ष बाद 14 फरवरी 2013 को किराया निर्धारित किया गया. उसके बाद आरटीए ने इसमें कोई वृद्धि नहीं की है. लेकिन ऑटो चालकों के द्वारा बिना आरटीए की इजाजत के पिछले छह वर्षों में तीन बार किराया बढ़ाया जा चुका है.
गांधी मैदान से किराया
स्टॉपेज दूरी 2013 वर्तमान दर
राजापुर पुल 1.9 4 8
आशियाना दीघा मोड़ 5.65 13 22
पटना जंक्शन से किराया
स्टॉपेज दूरी(किमी) 2013 वर्तमान दर
हाइकोर्ट मोड़ 2 4 10
बोरिंग रोड चौराहा 3 7 12
कंकड़बाग कॉलोनी 3 7 10
राजेंद्रनगर 2.5 5 10
कदमकुआं 2 4 8
दिनकर गोलंबर 3 7 10
यूनियनों को मिले किराये का अधिकार
जब तक सरकार पेट्रोल डीजल की कीमत तय करती थी, आरटीए के द्वारा किराया तय किया जाना तार्किक था. लेकिन अब बाजार के अनुसार हर दिन पेट्रोल डीजल की कीमत घटती बढ़ती है. ऑटो स्पेयर पार्ट और परमिट शुक्ल भी बहुत बढ़ चुका है. ऐसे में ऑटो के किराया वृद्धि पर रोक लगाना उचित नहीं है.
-नवीन मिश्रा, महासचिव, पटना जिला महिला पुरुष ऑटो रिक्शा चालक संघ
ऑटो किराये का पुनर्निर्धारण जल्द
ऑटो किराया के निर्धारण की प्रक्रिया फिर से शुरू की गयी है. इसके लिए कमेटी बनी है जो सभी पहलुओं पर विचार कर रही है. जल्द किराया का फिर से निर्धारण होगा.
-सुशील कुमार, सचिव आरटीए
