पटना : राज्य सरकार सातवें वेतनमान का एरियर सभी विश्वविद्यालयों को जल्द मुहैया करायेगी. इस संबंध में शनिवार को शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि वे एक जनवरी, 2016 से 31 मार्च, 2019 तक की समयावधि के लिए सातवें वेतनमान के अनुसार गणना कर एरियर की राशि की जानकारी 24 जून तक विभाग को दे दें.
जो विवि समय सीमा के भीतर इस संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं देंगे उनके शिक्षक इस एरियर भुगतान से वंचित रह जायेंगे. एरियर की राशि करीब 600 करोड़ रुपये होने की संभावना है. इसमें केंद्र और राज्य का आधा-आधा हिस्सा होगा.
राज्य सरकार द्वारा एरियर भुगतान का लाभ वर्तमान में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों के अतिरिक्त सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों-कर्मियों को भी दिया जाएगा. उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले ही बिहार कैबिनेट ने विश्वविद्यालय शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की मंजूरी दे दी थी. बता दें कि एक अप्रैल 2017 के प्रभाव से करीब 6500 विश्वविद्यालय शिक्षक और 8500 शिक्षकेतर कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिल रहा है. बिहार कैबिनेट द्वारा सातवां वेतनमान देने के लिये गये फैसले से राज्य के विवि शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतनमान में 15 से 18 फीसद की वृद्धि हुयी है.
