नगर विकास व आवास ने ऊर्जा विभाग को दिया प्रस्ताव
पटना : बिहार के नगर निकायों को संपन्न बनाने को नगर विकास व आवास विभाग ने ऊर्जा विभाग को सरचार्ज वसूलने का प्रस्ताव दिया है. राज्य के सभी 143 नगर निकायों में रहनेवाले करीब 20 लाख परिवारों पर एक प्रतिशत का बिजली सरचार्ज लगाये जाने का प्रस्ताव है.
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमेटेड द्वारा इस राशि की वसूली करने की जिम्मेदारी होगी. हर नगर निकाय में बिजली सरचार्ज के रूप में वसूली गयी राशि निकायों को वापस कर दी जायेगी. इसका उपयोग संबंधित नगर निकाय द्वारा विकास कार्यों के लिए किया जायेगा.
राज्य में 12 नगर निगम में 593 वार्ड : नगर विकास व आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में हाल में विभिन्न एजेंसियों के साथ की गयी बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गयी. उन्होंने बताया कि राज्य में 12 नगर निगम में 593 वार्ड हैं.
इसी तरह से राज्य में 49 नगर परिषद है, जिसमें 1388 वार्ड और 82 नगर पंचायतों में कुल 1396 वार्ड है. कुल 3377 वार्डों मे कुल 20 लाख परिवार निवास करते हैं. इन वार्डों की आवश्यकता के अनुसार बिजली सरचार्ज की वसूली गयी राशि का उपयोग किया जायेगा. अभी इसका मूल्यांकन किया जाना है कि एक प्रतिशत सरचार्ज से निकायों को कितनी राशि मिलेगी. नगर निकायों में नागरिक सुविधाओं के लिए बिजली का टैरिफ घरेलू दर से अधिक है.
143 नगर निकायों में जलापूर्ति योजना और स्ट्रीट लाइट की दर घरेलू दर से अधिक
चैतन्य प्रसाद बताया कि 143 नगर निकायों में जलापूर्ति योजना और स्ट्रीट लाइट की दर घरेलू दर से अधिक है. राज्य में पानी की समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री हर घर नल योजना का लक्ष्य अप्रैल 2020 तक प्राप्त कर लेना है.
20 लाख परिवारों तक जलापूर्ति की जानी है. शहर में हर घर से जलापूर्ति के लिए 30 रुपये मासिक शुल्क की वसूली की जानी है. साथ ही शहरों की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट बड़े पैमाने पर लगाये जा रहे हैं. इन दोनों योजनाओं पर बिजली की अधिक खपत हो रही है. जनोपयोगी योजना होने के कारण दोनों नागरिक सुविधाओं का टैरिफ दर घरेलू दर से कम होना चाहिए. इसके लिए ऊर्जा विभाग से बात की जा रही है.
