पटना : राजधानी पटना की सड़कों समेत अन्य जगहों से अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद भी अतिक्रमणकारियों द्वारा फिर से काबिज हो जाने की पुरानी बीमारी पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने पटना के डीएम व नगर आयुक्त से हटाये गये वेंडरों को वेंडिंग जोन मुहैया कराने के बारे में 24 जून तक जवाब तलब किया है.
मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायमूर्ति अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पूरे शहर में अतिक्रमण व्याप्त है लेकिन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. इन जगहों पर से हटाये गये वेंडर फिर से इसलिए काबिज हो जाते हैं, क्योंकि हटाये गये वेंडरों को वेंडिंग जोन में पुनर्वास हेतु ठोस कार्रवाई नहीं होती है.
कोर्ट ने अगली सुनवाई में पटना जिला प्रशासन को यह बताने को कहा है कि पटना में कहां-कहां वेडिंग जोन बनाये जा रहे हैं और उसमें कितने अतिक्रमणकारी वेंडरों को अब तक स्थापित किया गया. कोर्ट ने कहा कि कागजी कार्रवाई और जमीनी हकीकत में काफी फर्क है.
