बच गये पीपीयू के करोड़ों रुपये
पटना : पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के करोड़ों रुपयों उड़ाने की जालसाजों की योजना पर पानी फिर गया. क्लोन चेक के माध्यम से साढ़े चार करोड़ रुपये आरटीजीएस करने पहुंचे जालसाज को बैंककर्मी की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया गया. जालसाज का नाम राजकुमार राम है और वह झारखंड के जामताड़ा का है.
इसने अपने गिरोह के चार और सदस्यों के नामों की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन कोई नहीं पकड़ा गया. सभी ने अपने-अपने मोबाइल फोन को स्विच ऑफ कर दिया है. पकड़े गये राजकुमार राज ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार की सुबह ही रांची से बस से पटना आया था और यहां पर उसे कुछ और साथी मिल गये. उन लोगों ने ही चेक दिया था और बैंक में जमा करने को कहा था. पत्रकार नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की. पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के अधिकारी भी थाना पहुंचें और पूरे मामले की जानकारी ली.
रजिस्ट्रार बन किया था बैंक मैनेजर को फोन
जानकारी के अनुसार कॉलेज ऑफ कॉमर्स में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर के मोबाइल पर सोमवार को फोन आया कि मैं पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रार बोल रहा हूं. मेरा एक आदमी आपके पास जायेगा. दो चेकों का आरटीजीएस करना है.
इसके बाद राजकुमार राम सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचा और काउंटर पर साढ़े चार करोड़ का दो चेक देते हुए आरटीजीएस कराने का प्रयास किया. चेक पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी का होने से बैंककर्मी को शक हो गया और ब्रांच मैनेजर को जानकारी दी. जांच में पता चला कि चेक ऑरिजनल नहीं है. चेक की क्लोनिंग की गयी है. बैंककर्मियों ने राजकुमार राम को बातों में उलझाये रखा और पत्रकार नगर पुलिस को जानकारी दे दी.
पुलिस पहुंची और पकड़ लिया. इस दौरान उसने अपने आप को यूनिवर्सिटी का स्टाफ बताया तो कभी अपने को राजभवन का स्टाफ होने की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो सारी बातें सामने आ गयी.
