पटना : उच्च न्यायालय पटना के जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय ने प्रोबेशन सेवा में सुधार की जरूरत बताया है. साथ ही जेल और प्रोबेशन सेवा के पदाधिकारियों को महात्मा गांधी से सीख लेने की सलाह दी है. बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान में प्रोबेशन विषय पर हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन पर रविवार को मुख्य अतिथि जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय ने देश भर के पदाधिकारियों को अपराधियों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स दिये.
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का कथन ‘घृणा अपराध से करो अपराधी से नहीं’ आज भी प्रासंगिक है. प्रोबेशन अधिनियम का फलाफल प्राप्त करने को पदाधिकारियों को स्वैच्छिक प्रयास करने होंगे. इस सेवा के सशक्तीकरण के लिए सेवा से संबंधित संरचना में बड़े सुधार की आवश्यकता है.
कारा महानिरीक्षक मिथिलेश मिश्र ने कहा कि सेमिनार में प्राप्त निष्कर्षों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जायेगा. प्रोबेशन सेवा के सुदृढ़ीकरण को महत्वपूर्ण प्रयास किये गये हैं. अपराधियों के पुनर्वास में प्रोबेशन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान के निदेशक नीरज कुमार झा ने सेमिनार के उद्देश्य, इसमें हुई चर्चा और संस्थान की उपलब्धि पर प्रकाश डाला.
सत्र के समापन पर सभी प्रोबेशन पदाधिकारियों को प्रतीक चिह्न एवं प्रमाणपत्र प्रदान किये गये. संयुक्त सचिव कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय दीवार जाफर हुसैन, उप निदेशक अरुण पासवान, प्रधान प्रोबेशन पदाधिकारी पूनम रानी, राज्य की सभी केंद्रीय कारा के अधीक्षक, बिहार प्रोबेशन सेवा के सभी पदाधिकारी, प्रशिक्षु कक्षपाल आदि मौजूद रहे.
