पटना : अगले साल तक सभी जिलों में खाद्य आपूर्ति शृंखला केंद्र के नये भवन से खाद्यान्न की हाइटेक मॉनीटरिंग होगी. सभी जिलों में केंद्र का अपना भवन तैयार हो जाने से खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने की व्यवस्था कारगर होगी. नयी व्यवस्था में अनाज के उठाव से लेकर राशन दुकानों तक पहुंचने व फिर उपभोक्ताओं के वितरण का पूरा लेखा-जोखा रखना है.
खाद्य आपूर्ति शृंखला केंद्र के भवन निर्माण के लिए खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में सभी डीएम को कहा है. विभागीय सूत्र ने बताया कि सारण, पूर्णिया, मधेपुरा, पश्चिम चंपारण, बक्सर, नवादा व सीतामढ़ी में जमीन मिली है. जमीन मिलने से वहां भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू है.
राशन िवतरण का िहसाब एक क्लिक पर िमलेगा : भारतीय खाद्य निगम व राज्य खाद्य निगम के गोदाम से उठाव से लेकर राशन दुकानों में अनाज के वितरण की व्यवस्था की मॉनीटरिंग होनी है.
इसमें किस दुकान को कितना राशन मिला और कितने उपभोक्ताओं के बीच अनाज वितरण हुआ, इसका हिसाब एक क्लिक में मिलेगा. इसके लिए सभी खाद्य आपूर्ति शृंखला केंद्र को हाइटेक बनाना है. इसके साथ ही जिलों में खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का एक सुनिश्चित जगह होगा, जहां से मॉनीटरिंग में सहूलियत हो. इस मकसद से ही नये भवन का निर्माण हो रहा है. वर्तमान में एक जगह ऐसी व्यवस्था नहीं होने से मॉनीटरिंग के क्रियान्वयन में परेशानी हो रही है. सरकार सभी जिले में खाद्य आपूर्ति शृंखला केंद्र भवन निर्माण के लिए 43़ 73 करोड़ खर्च कर रही है.
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग साढ़े आठ करोड़ लाभुकों को सस्ती दर पर अनाज मुहैया कराया जाता है. इसके लिए प्रत्येक माह 4़ 54 लाख मीटरिक टन अनाज का उठाव होता है. अनाज के उठाव से लेकर राशन दुकानों तक पहुंचने की मॉनीटरिंग सही तरीके से नहीं होने से हेराफेरी की संभावना रहती है
