पटना : राज्य सरकार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, पार्टनरशिप फर्मों और चिट फंड कंपनियों पर नकेल कसने के साथ ही इनकी सतत मॉनीटरिंग करने के लिए सांस्थिक वित्त निदेशालय का गठन नये स्वरूप में करने जा रही है.
इसके तहत वित्त विभाग के अंतर्गत पहले से चल रहे सांस्थिक वित्त निदेशालय को ज्यादा सुदृढ़ और सक्षम बनाया जा रहा है. इसी क्रम में यहां निदेशक समेत कई नये पदों का सृजन किया गया है, जिन पर जल्द ही बहाली की जायेगी. चिट फंड कंपनियों के क्रिया-कलापों पर खासतौर से नजर रखने के लिए इसका स्वरूप बदला गया है, ताकि आम लोगों के साथ कोई कंपनी ठगी करके नहीं फरार हो जाये.इस निदेशालय के प्रमुख निदेशक होंगे. इसके अलावा दो उप निदेशक, तीन बैंकिंग एक्सपर्ट, एक विधि परामर्शी, एक अवर सचिव, दो प्रशाखा पदाधिकारी और 10 सहायक होंगे. इनके वेतन पर सालाना एक करोड़ 60 लाख रुपये का खर्च आने की संभावना है.
इसमें बैंकिंग एक्सपर्ट और उप-निदेशक का पद पहली बार गठित किया गया है. बैंकिंग एक्सपर्ट के रूप में उन्हीं लोगों की बहाली होगी, जो बैंकों में एजीएम रैंक के अधिकारी होंगे या सेवानिवृत्त पदाधिकारी संविदा पर नियुक्त किये जायेंगे.
