जोनल आइजी कार्यालय की पहल
पटना : थाना बदले जाने के बाद भी पूर्व के केसों को अनुसंधानकर्ता थानाध्यक्ष को नहीं सौंपते हैं. इसका नतीजा यह होता है कि केस लंबित रहता है और वे उन केसों की फाइल को लेकर घूमते रहते हैं.
इसके कारण लंबित केसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इन पुलिसकर्मियों से केसों की फाइल लेने के लिए जोनल आइजी सुनील कुमार ने कवायद शुरू कर दी है. उन्होंने तमाम वैसे पुलिसकर्मियों की सूची को अपने कार्यालय मंगवा लिया है. और उस सूची के अनुसार केसों की फाइल लेकर घूम रहे पुलिसकर्मियों के साथ ही थानाध्यक्ष को भी आइजी कार्यालय में बुलाया जा रहा है.
आइजी कार्यालय में बुला कर उनसे पुराने केसों की फाइल को ले लिया जा रहा है और उसे संबंधित थानाध्यक्ष को सौंप दिया जा रहा है. इसके बाद थानाध्यक्ष अपने थाना के पुलिसकर्मियों को उक्त केस सौंप दे रहे हैं. इससे लोगों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है, क्योंकि किसी व्यक्ति का अगर केस किसी पुलिसकर्मी के पास है और वह किसी अन्य थाना में चला गया है, तो उक्त व्यक्ति के केस की कार्रवाई में काफी देर होती थी. लेकिन उनके केसों को नये अनुसंधानकर्ता मिलने से कार्रवाई में गति आ जायेगी.
लोकसभा चुनाव के पूर्व हुआ था काफी फेरबदल
लोकसभा चुनाव के पूर्व पटना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर, एएसआई व जवान का स्थानांतरण दूसरे जिला में हुआ था. लेकिन उन लोगों ने अपने केसों की फाइल को नहीं सौंपा था. जिसके कारण उन केसों में अनुसंधान लंबित था. जोनल आइजी की इस कवायद से सैकड़ों केसों की फाइल लेकर घूम रहे अनुसंधानकर्ताओं से लेकर नये अनुसंधानकर्ताओं को सौंप दिया गया है.
