पटना/फतुहा : फतुहा थाने के निशिबूचक गांव के पास शुक्रवार की सुबह फोरलेन के किनारे खेत से मिले तीन कटे मानव सिर के मामले में पुलिस ने हत्या व साक्ष्य छुपाने की प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
यह मामला फतुहा थाने के एक सब इंस्पेक्टर के बयान के आधार पर आइपीसी की धारा 302, 201 व 34 के तहत दर्ज किया गया है और अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. इधर, पुलिस ने इस मामले में जीरो माइल से लेकर बख्तियारपुर तक के सीसीटीवी को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस दौरान पटना की ओर से जाने वाले एक संदिग्ध बोलेरो की पहचान की गयी है. हालांकि, उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नहीं है.
फिलहाल सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज का अध्ययन किया जा रहा है और इससे पुलिस और भी जानकारी प्राप्त करने के प्रयास में है. पुलिस को इस मामले में पूरा शक है कि रात में 12 बजे से लेकर तीन बजे सुबह के बीच में ही तीनों का सिर फेंका गया है. पुलिस इस समयावधि का टावर डंप डेटा निकालेगी. इससे यह जानकारी मिल जायेगी कि उस इलाके में उस समय कौन-कौन से मोबाइल फोन सक्रिय थे. इससे पुलिस को अनुसंधान करने में काफी मदद मिलेगी और आरोपितों तक पहुंच सकेगी.
गाड़ी से खेत में जा कर फेंके थे सिर, िमले निशान
इसके साथ ही यह भी संभावना जतायी जा रही है कि जहां पर सिर फेंका गया है, वहां तक लोग गाड़ी से गये हैं क्योंकि खेत में चार चक्का गाड़ियों के ताजा निशान भी पुलिस को मिले हैं. इसके साथ ही वहां पर कुछ झाड़ियां भी हैं, जहां आसानी से कुछ दिन तक तीनों का सिर छुपा रह सकता है.
गाड़ी से वहां तक जाने का एक तर्क यह भी है कि रात होने के कारण वहां पैदल जा कर फेंकने की कोई हिम्मत नहीं कर सकता है. इससे यह भी स्पष्ट है कि उस इलाके के विषय में वे लोग जानते थे. कटा हुआ सिर जहां मिला है, वहां कोई बोरा या झोला तक पुलिस को नहीं मिला है. यह भी इस ओर इंगित करता है कि गाड़ी से तीनों के कटे सिर को ले जाया गया और वहां आसानी से फेंक कर निकल गये.
एफएसएल रिपोर्ट से हो सकता है खुलासा
एफएसएल की जांच रिपोर्ट के बाद ही इस मामले में खुलासा होना संभव है. पुलिस ने एफएसएल को भेजने के लिए डीएनए प्रिजर्व कर लिया है और उसके संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है. एक-दो दिनों में एफएसएल को डीएनए जांच के लिए भेज दिया जायेगा.
24 घंटे के बाद भी पुिलस को नहीं मिला पुख्ता सुराग
पुलिस को फिलहाल अभी तक इस मामले में कोई सुराग नहीं मिला है. थानाध्यक्ष मनीष कुमार की मानें तो मृतकों की पहचान की कवायद शुरू कर दी गयी है. उन्होंने मेडिकल छात्रों द्वारा मानव अंग की पढ़ाई वाली बात से भी सहमति जताते हुए बताया कि इस तथ्य को भी जांच के केंद्र में रखकर तहकीकात की जा रही है. विदित हो कि बीते शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने निशिबूचक गांव के पास तीन कटे हुए मानव सिर बरामद किये थे, जिनमें एक महिला का भी सिर भी था.
नाक-कान को तेज धारदार हथियार से काटा गया था. सबसे अहम बात यह कि एक सिर के ऊपर अंग्रेजी में एएनपी लिखा हुआ था, जिसकी गुत्थी भी पुलिस अभी तक सुलझा नहीं पायी है. हालांिक पुिलस मामले की हर िंबंदुओं पर नजर रख रही है.
