पुराने दस्तावेज को लेने के लिए लोग जिलों के कार्यालयों में दौड़ लगा रहे हैं
पटना : पैतृक जमीन के बंटवारा में सुविधा के लिए कानून तो बना, लेकिन जमीन के दस्तावेज नहीं मिलने से पारिवारिक बंटवारा रजिस्ट्री में अड़चनें आ रही हैं. नतीजा लोगों को कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. जमीन के पुराने दस्तावेज को लेने के लिए लोग जिलों में रेकॉर्ड रूम व अंचल कार्यालयों में दौड़ लगा रहे हैं. रेकॉर्ड रूम में समुचित व्यवस्था नहीं होने से पुराने दस्तावेज निकालने में कठिनाई हो रही है. पुराने दस्तावेज नहीं मिलने डीड नहीं बन रहा है.
जबकि, पुश्तैनी जमीन की रजिस्ट्री के लिए डीड पेपर जरूरी है. तभी पारिवारिक बंटवारा रजिस्ट्री संभव है. पारिवारिक बंटवारा रजिस्ट्री में जमीन का खतियानी दस्तावेज के साथ पारिवारिक वंशावली बनाकर देने की मांग कार्यालय में हो रही है. इसके आधार पर ही सौ रुपये में जमीन का रजिस्ट्री संभव है.
दादा की संपत्ति में मिलेगी छूट, पिता की संपत्ति में नहीं : पारिवारिक बंटवारा रजिस्ट्री के लिए बने नियम में पैतृक जमीन के अलावा अन्य जमीन के रजिस्ट्री में किसी प्रकार की छूट नहीं है. विभागीय सूत्र ने बताया कि जीवित पिता अगर अपने बेटे को जमीन रजिस्ट्री करना चाहते हैं, तो वे सेटलमेंट या गिफ्ट कर सकते हैं.
ऐसे में पूरा रजिस्ट्री शुल्क लगेगा. यानी महज सौ रुपये में पैतृक संपत्ति बंटवारा रजिस्ट्री कानून के तहत उनका रजिस्ट्री नहीं होगा. विभाग इसके बारे में नियमों को क्लियर करते हुए सारे रजिस्ट्री कार्यालय को पत्र भेजने की तैयारी में है.
क्या है नियम
संपत्ति को लेकर हो रहे विवाद को समाप्त करने के लिए पैतृक संपत्ति बंटवारा रजिस्ट्री कानून बनाया गया. इसके तहत महज सौ रुपये में पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने की सुविधा है. इसमें 50 रुपये स्टांप ड्यूटी व 50 रुपये निबंधन शुल्क लगता है.
