न्यायाधीश, प्रशासनिक पदाधिकारी जैसे वीआइपी के सशस्त्र अंगरक्षक के रूप में हवलदार-सिपाहियों को ही किया जायेगा प्रतिनियुक्त
पटना : न्यायाधीश-वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी आदि वीआइपी की सुरक्षा में अब हवलदार और सिपाहियों की ही प्रतिनियुक्ति की जायेगी. गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को वीआइपी सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश दिये हैं. पुलिस मुख्यालय में अंगरक्षक की मांग को लेकर आये दिन आवेदन आते हैं.
जिन वीआइपी को बाॅडीगार्ड मिला भी हुआ है उनमें कुछ लोग सब इंस्पेक्टर या सहायक अवर निरीक्षक सरकारी अंगरक्षक स्तर के पुलिस पदाधिकारी की बाॅडीगार्ड के रूप में प्रतिनियुक्त करने की मांग कर रहे थे. इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा था.
एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने अपने पत्र में इस बात पर चिंता प्रकट की थी कि यदि इंस्पेक्टर और एएसआई को बाडी गार्ड बना दिया जायेगा तो अनुसंधान का कार्य प्रभावित हाेगा. अवर सचिव उमेश प्रसाद रजक ने अपने पत्र में स्पष्ट कर दिया है कि सब इंस्पेक्टर, सहायक अवर निरीक्षक पंक्ति के पदाधिकारियों द्वारा अनुसंधान व विधि व्यवस्था के कार्य किये जाते हैं. इस कारण सशस्त्र अंगरक्षक के रूप में हवलदार सिपाहियों को ही न्यायाधीश गण, महानुभावों, वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ प्रतिनियुक्त किया जाये.
बॉडीगार्ड को लेकर गृह विभाग को पत्र लिखा गया था. गृह विभाग के पत्र में स्पष्ट है कि सशस्त्र अंगरक्षक के रूप में हवलदार-सिपाहियों को ही प्रतिनियुक्त किया जायेगा.
कुंदन कृष्णन, एडीजी मुख्यालय
