सात साल तक बिहार की सड़कों का रखरखाव करेंगी एजेंसियां
पटना : राज्य की सड़कों का निर्माण करने वाली कंपनियां अब सात सालों तक उसका रखरखाव करेगी. सरकार ने रखरखाव की अवधि को दो साल बढ़ा दिया है. अब तक कार्य करने वाली एजेंसियों को निर्माण के बाद पांच सालों तक रखरखाव करना होता था. शनिवार को पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल […]
सात साल तक बिहार की सड़कों का रखरखाव करेंगी एजेंसियां
पटना : राज्य की सड़कों का निर्माण करने वाली कंपनियां अब सात सालों तक उसका रखरखाव करेगी. सरकार ने रखरखाव की अवधि को दो साल बढ़ा दिया है. अब तक कार्य करने वाली एजेंसियों को निर्माण के बाद पांच सालों तक रखरखाव करना होता था. शनिवार को पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने सभी जिलाधिकारियों को इसकी जानकारी दी है. डीएम को लिखे अपने पत्र में प्रधान सचिव ने कहा है कि सात साल तक सड़क की देखभाल संबंधित ठेकेदार को करना है.
देखभाल में इस बात का ध्यान रखना है कि सड़क का देखरेख विश्वस्तरीय हो. सड़क की नयी सतह 2500 एमएम रखना है. अत्याधुनिक मशीन से इसकी गणना होगी. एक किमी में 2500 एमएम से अधिक उंचाई नहीं होनी चाहिए. अगर इससे अधिक होता है तो यह माना जायेगा कि सड़क की देखभाल मानक के अनुसार नहीं हुआ है. प्रधान सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा है कि अगर कोई सड़क स्मूथ नहीं दिखे, तो अपने प्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यपालक अभियंता से वंप इंटीगेटर से सड़क की जांच करायी जाये.
रखरखाव के साथ ही खर-पतवार और धूल भी हटानी होगी : नयी नीति में ठेकेदार को प्लैंक पर झाड़ी या खरपतवार जिससे सड़क की सुरक्षा प्रभावित होती है उसे हटाना है. किमी स्टोन ढंका हुआ हो, सड़क पर पेडों का खतरनाक ढंग से झुकाव हो , पुलों के किनारे धूल जमा हो तो उसे भी ठीक करना है. ठेकेदार को पुल- पुलियों का रखरखाव भी करना है. पुल- पुलियों के नीचे अगर पानी का वहाव अवरूद्ध हो रहा है बरसाती नाले की सफाई करनी है. कहीं मिट्टी कट रही है तो उसे ठीक करना है. रोड मार्किंग अगर धूमिल होता है उसे ठीक करना है. सड़क किनारे के पेड़ों की रंगाई-पुताई करनी है.