- डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं कार्यालय से इसकी हो रही है मॉनीटरिंग
पटना : बहुमंजिला और बड़े भवनों में आग से बचाव के उपायों के इंतजामों की जांच-पड़ताल के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है. मुजफ्फरपुर, पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ, छपरा, दरभंगा, गया, आरा, बेगूसराय, कटिहार, मुंगेर एवं पूर्णिया में जिला पदाधिकारी, नगर आयुक्त और जिला समादेष्टा होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं के नेतृत्व में टीमों का गठन कर दिया गया है. डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं कार्यालय से इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है. जिला से रिपोर्ट मिलनी शुरू हो गयी है. अगले हफ्ते समीक्षा बैठक होगी.
28 मई को नगर विकास एवं आवास विकास के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से वीडियो काॅन्फ्रेंस कर 15 मीटर से ऊंचे बहुमंजिला अथवा 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक जमीन पर बने व्यावसायिक एक मंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा एवं वॉटर हार्वेस्टिंग की जांच के निर्देश दिये थे. शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम्स, अस्पताल, शॉपिंग मॉल पर विशेष फोकस है. जहां भी मानक पूरे नहीं मिलेंगे उन भवन स्वामियों को नोटिस दिया जायेगा.
हर दिन देनी होगी जांच रिपोर्ट
भवनों – परिसरों में अग्नि सुरक्षा एवं वॉटर हावेस्टिंग की जांच के लिये तीन सदस्यीय संयुक्त टीम बनायी गयी है. नगर निगम, समाहरणालय और जिला अग्निशमन पदाधिकारी के यहां से एक-एक पदाधिकारी होंगे. यह टीम प्रतिदिन जो भी जांच पड़ताल करेगी उसकी संयुक्त रिपोर्ट तीन प्रतियों में बनायी जायेगी. शाम को डीएम, नगर आयुक्त और जिला समादेष्टा को सौंपी जायेगी.
दो साल पुराना आदेश, पर नहीं हुआ पूरा अमल
अग्निकांड की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए दो साल पहले भी अग्निशाम विभाग ने आदेश दिया था. लेिकन, इसका प्रभावी अमल नहीं हुआ. डीआइजी, राज्य अग्निशाम सेवा मुख्यालय सतीश कुमार ने पांच दिसंबर 2016 को सभी वास्तुविद, भूखंड स्वामी, नव भवन निर्माण कराने वालों को पत्र लिखकर फायर सेफ्टी के उपाय करने के निर्देश दिये गये थे. नक्शा पास कराने के दौरान अग्निशाम पदाधिकारी द्वारा जारी एनओसी को सख्ती से लागू कराने पर जोर दिया गया था. यह आदेश फाइलों में ही सिमट कर रह गया.
