सृजन घोटाला : सीबीआइ ने तीन अधिकारियों के कार्यकाल की शुरू की जांच

पटना : राज्य के बहुचर्चित सृजन घोटाला मामले की जांच सीबीआइ कर रही है. इसकी जांच के क्रम में कुछ अहम तथ्य सामने आये हैं, जिसमें सूबे एक रिटायर्ड आइएएस अधिकारी के अलावा आइजी रैंक के एक वर्तमान आइपीएस और एक अन्य आइएएस अधिकारी की मिलीभगत की बात सामने आयी है. जांच में सीबीआइ को […]

पटना : राज्य के बहुचर्चित सृजन घोटाला मामले की जांच सीबीआइ कर रही है. इसकी जांच के क्रम में कुछ अहम तथ्य सामने आये हैं, जिसमें सूबे एक रिटायर्ड आइएएस अधिकारी के अलावा आइजी रैंक के एक वर्तमान आइपीएस और एक अन्य आइएएस अधिकारी की मिलीभगत की बात सामने आयी है. जांच में सीबीआइ को इनके खिलाफ ठोस सबूत मिलने पर इन अधिकारियों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है. जिस आइएएस अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू हुई है, वह आइएएस अधिकारी सेवानिवृत्त होने के बाद बिहार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं.

वर्तमान में उनसे जुड़ा एक मामला हाइकोर्ट में भी चल रहा है, जिसमें उन्हें हाल में ही बेल मिली है. जांच के दौरान इनके बारे में यह बात सामने आयी कि जब वे भागलपुर में डीएम हुआ करते थे, उस दौरान कितनी संख्या में किन लोगों को और किन-किन मदों में एलॉटमेंट लेटर जारी किया गया है. इन तमाम बातों की जांच शुरू कर दी गयी है. इन्होंने भागलपुर में डीएम रहते हुए सृजन को-ऑपरेटिव संस्थान को कई तरह से वित्तीय सहायता दी थी. कई मद में जो राशि दी गयी है, वह गलत तरीके से बिना किसी नियम-कायदों के जारी किये गये हैं.
फिलहाल इनकी विस्तृत जांच चल रही है कि कितनी राशि गलत तरीके से सृजन को ट्रांसफर की गयी है. इसके अलावा जिस आइजी स्तर के अधिकारी के खिलाफ भी पुख्ता सबूत की तलाश चल रही है और उनके भागलपुर में बतौर एसपी के कार्यकाल से जुड़े कई अहम मामलों की जांच शुरू हो गयी है.
हालांकि इस अधिकारी का नाम सृजन घोटाले की जांच में शुरू से ही प्रमुखता से सामने आ रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस आइपीएस अधिकारी से सीबीआइ एक बार पूछताछ भी कर चुकी है. एक दूसरे आइएएस अधिकारी का नाम सृजन घोटाला की जांच काफी आगे बढ़ने के बाद सामने आया है. इनके खिलाफ कई अहम सबूत मिले हैं. फिलहाल इनकी गहनता से जांच चल रही है. संभावना व्यक्त की जा रही है कि इनसे भी पूछताछ हो सकती है.
बक्सर के सीनियर एडीएम से मांगा गया स्पष्टीकरण
सृजन घोटाला मामले में राज्य सरकार ने बक्सर के सीनियर एडीएम से स्पष्टीकरण पूछा है. सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से पूछे गये इस स्पष्टीकरण का कोई जवाब संबंधित अधिकारी की तरफ से नहीं आया है. इसमें यह पूछा गया है कि ऋण दिखाकर हार्ले डेविडसन बाइक की खरीद की है, लेकिन यह गाड़ी सृजन क्रेडिट सहकारिता सोसाइटी के पैसे से खरीदी गयी है.
यह भी पूछा गया है कि उनकी पत्नी के सृजन सोसाइटी की अमित कुमार और प्रिया से काफी अच्छे संबंध हैं. इन पर यह भी आरोप लगा है कि इनका भागलपुर शहर के एक जिम अच्छा-खासा निवेश है. विभाग ने सभी आरोपों का विस्तार से जवाब 15 दिन में देने के लिए कहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >