- जेल व अस्पतालों में होगी सब्जी की आपूर्ति
- पांच जिलों में िकसानों का तैयार हो रहा नेटवर्क
- कलस्टर में किया जायेगा संघ का गठन
दीपक कुमार मिश्रा, पटना : अब राज्य के सभी जिलों में सब्जी उत्पादकों के लिए संघ बनेगा. संघ का गठन कलस्टर में किया जायेगा. अभी राज्य में पांच जिलों में ही सब्जी उत्पादकों का संघ है. कलस्टर गठन के लिए जल्द ही एक प्रस्ताव राज्य कैबिनेट में जायेगा. संघ के ऊपर एक फेडरेशन रहेगा.
सभी जिलों में इसका विस्तार होने के बाद दो लाख से अधिक सब्जी उत्पादक इससे जुड़ेंगे. राज्य में कम्फेड की तर्ज पर सब्जी के उत्पादन से लेकर वितरण तक का नेटवर्क तैयार हो रहा है. संघ के सदस्यों द्वारा उत्पादित सब्जी जेल और अस्पतालों में आपूर्ति की जायेगी.
अलग-अलग कलस्टर में शामिल होंगे सभी जिले
पटना दो कलस्टर में आरा, बक्सर, सासाराम और कैमूर जिलों को शामिल किया गया है. तिरहुत कलस्टर में मुजफ्फरपुर, शिवहर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण व सीतामढ़ी जिले को शामिल किया गया है. सारण कलस्टर में सीवान, सारण और गोपालगंज जिले शामिल हैं.
भागलपुर-मुंगेर कलस्टर में भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और शेखपुरा जिले को रखा गया है. मगध कलस्टर में गया, नवादा, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद जिले को रखा गया है. पूर्णिया कलस्टर में कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया तथा दरभंगा, कोसी कलस्टर में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, दरभंगा और मधुबनी जिले को रखा गया है.
जैविक सब्जी की खेती पर जोर
अभी पटना, नालंदा, बेगूसराय, समस्तीपुर और वैशाली जिले में सब्जी उत्पादकों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इनको पटना एक कलस्टर में रखा गया है. इसी संघ के माध्यम से पटना शहर में सहकारिता विभाग की निगरानी में सब्जी की बिक्री हो रही है. राज्य सरकार सूबे में सब्जी उत्पादन खासकर जैविक सब्जी की खेती पर जोर दे रही है. सबसे ऊपर सब्जी उत्पादकों का फेडरेशन होगा. इसके बाद कलस्टर स्तर पर संघ होगा.
संघ वितरण भी करेगा
सब्जी उत्पादक संघ उत्पादन के अलावा वितरण भी करेगा. किसानों से सब्जी की खरीद कर उसकी ग्रेडिंग होगी और इसके बाद उसे बाजार में बेचा जायेगा. अभी पटना में वैन के माध्यम से सब्जी की बिक्री हो रही है. अभी सब्जी उत्पादकों का जो संघ वितरण का काम कर रहा है उसने बेऊर जेल के अलावा पीएमसीएच में सब्जी आपूर्ति की बात की है. बताया जा रहा है कि राज्य में जब सब्जी उत्पादकों का संघ पूरी तरह से काम करने लगेगा तो कल्याण छात्रावासों, जेल और अस्पतालों में इसकी आपूर्ति की जायेगी.
