पटना : सूरत में कोचिंग सेंटर हादसे के बाद जिला शिक्षा कार्यालय की नींद टूटी है. अब वह न केवल कोचिंग संस्थान बल्कि बहुमंजिली इमारतों में कक्षा संचालन पर नजर टेढ़ी करने जा रहा है. कार्यालय का मानना है कि पटना भूकंपीय जोन-4 (भूकंपीय प्रभाव के नजरिये संवेदनशील) में है. ऐसे इलाकों में भवनों की ऊपरी मंजिल पर कक्षा संचालन, खासतौर पर छोटे क्लास के बच्चों काे नहीं बिठाया जा सकता है.
बहुमंजिली इमारतों में चल रहे स्कूलों पर एक्शन की तैयारी
पटना : सूरत में कोचिंग सेंटर हादसे के बाद जिला शिक्षा कार्यालय की नींद टूटी है. अब वह न केवल कोचिंग संस्थान बल्कि बहुमंजिली इमारतों में कक्षा संचालन पर नजर टेढ़ी करने जा रहा है. कार्यालय का मानना है कि पटना भूकंपीय जोन-4 (भूकंपीय प्रभाव के नजरिये संवेदनशील) में है. ऐसे इलाकों में भवनों की […]

जिला शिक्षा कार्यालय का मानना है कि शहर में तमाम बहुमंजिला स्कूल देखे गये हैं. ये नार्म्स के मुताबिक भी नहीं बने हैं. हालांकि, अफसरों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में स्कूलों को चिह्नित कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी. जानकारी के मुताबिक अधिकतर बहुमंजिली इमारतें बिल्कुल सीधी और संकरी बनी हुई हैं.
हालांकि, नार्म्स के मुताबिक किसी भी स्कूल की बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल का झुकाव 30 से 45 डिग्री के बीच होना चाहिए. जबकि, इमारतें एकदम सीधी तनी हुई हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक सीढ़ियां भी छह से लेकर दस इंच से अधिक ऊंची नहीं होनी चाहिए.
बहुमंजिली इमारतों में रेंप भी होने चाहिए. इस तरह पटना में बहुमंजिली इमारतों में संचालित स्कूल हों या कोचिंग खतरनाक हैं. ये नार्म्स के विपरीत खड़े कर दिये गये हैं. एडीपीओ यशजीत कुमार ने बताया कि शहर भूकंपीय लिहाज से संवेदनशील जोन में है. यहां बहुमंजिली इमारतों में बच्चों को नहीं पढ़ाया जाना चाहिए. जल्द ही इस संदर्भ में उचित कार्रवाई की जायेगी.
कोचिंग पर होगा एक्शन : कोचिंग एक्ट के तहत कोचिंग के रजिस्ट्रेशन से लेकर उस पर कार्रवाई के लिए विशेष हाइपावर कमेटी जवाबदेह है. यह कमेटी डीएम के नेतृत्व में होती है. इसके अलावा एसपी व जिला शिक्षा पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अफसर होते हैं. इनकी जल्द ही संयुक्त बैठक बुलायी जानी है.
जांच के दिये गये निर्देश
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को कोचिंग संस्थानों के जांच के निर्देश दिये गये हैं. सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है. जांच रिपोर्ट के बाद मानक पूरा नहीं करने वाले संस्थानों कार्रवाइ की जायेगी.
कुमार रवि, जिलाधिकारी