नेशनल बिल्डिंग कोड से भवनों का निर्माण जरूरी

पटना : लोगों की जीवन सुरक्षा का ख्याल करते हुए भवनों का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार अनिवार्य किया गया है. सरकारी भवनों सहित बड़े-बड़े निजी कार्यालय भवन का निर्माण मानक के अनुसार होगा. बड़ी-बड़ी इमारतों में आग से सुरक्षा के लिए सभी अग्निशामक यंत्रों के अलावा भूकंपरोधी निर्माण पर जोर देने की बात […]

पटना : लोगों की जीवन सुरक्षा का ख्याल करते हुए भवनों का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार अनिवार्य किया गया है. सरकारी भवनों सहित बड़े-बड़े निजी कार्यालय भवन का निर्माण मानक के अनुसार होगा. बड़ी-बड़ी इमारतों में आग से सुरक्षा के लिए सभी अग्निशामक यंत्रों के अलावा भूकंपरोधी निर्माण पर जोर देने की बात कही गयी है.

सुप्रीम कोर्ट ने आग जैसी आपदा से बचाव के लिए कुछ दिशा-निर्देश दिये हैं. इसके तहत ऊंचे भवनों व विद्यालयों में अग्निशामक यंत्रों को आवश्यक रूप से रखने का आदेश है. भवन निर्माण विभाग ने सभी अभियंताओं को सरकारी भवनों के निर्माण में नयी दिल्ली की संस्था यूनाइटेड ह्यूमेन राइट्स फेडरेशन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन करने के लिए कहा है. यूनाइटेड ह्यूमेन राइट्स फेडरेशन ने भवनों के निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड का अनुपालन कराये जाने के संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखा है.

राजभवन कार्यालय ने पत्र प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए लिखा है. सरकारी भवनों के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से कराने का अभियंताओं को निर्देश दिया गया है. साथ ही निजी निजी इमारतों में भी नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार मानक का इस्तेमाल करना आवश्यक किया गया है. विभागीय सूत्र ने बताया कि सरकारी भवनों के निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड का अनुपालन हो रहा है. पुलिस भवन में पानी टैंक की व्यवस्था है. अग्निशमन यंत्र भी लगाये जाते हैं.

आग से अधिक खतरा

बड़ी-बड़ी इमारतों में आग लगने से अधिक खतरा रहता है. लोग अधिक असुरक्षित रहते हैं. भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं गंभीरता से इसकी जांच नहीं होती है. भवन में लगा अग्निशमन यंत्र सही तरीके से काम करता है या नहीं इसका समय-समय पर जांच आवश्यक है. इन चीजों की अनदेखी होने से आग लगने पर नुकसान अधिक होता है. जान-माल की क्षति होती है. नेशनल क्राइम रेकॉर्डस ब्यूरो के अनुसार आग की घटनाओं में देश में 62 लोगों की मौत प्रत्येक दिन होती है. साल भर में लगभग 25 हजार लोग घायल होते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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