तेज प्रताप यादव फिर लगायेंगे जनता दरबार, 27 मई से सुनेंगे जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं

पटना : लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बार फिर जनता दरबार लगायेंगे. तेज प्रताप 27 मई को सुबह दस बजे जनता दरबार लगायेंगे. मालूम हो कि इससे पहले भी वह […]

पटना : लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बार फिर जनता दरबार लगायेंगे. तेज प्रताप 27 मई को सुबह दस बजे जनता दरबार लगायेंगे. मालूम हो कि इससे पहले भी वह जनता दरबार लगा कर काफी सुर्खियां बटोरी थीं.

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने शनिवार को ट्वीट कर कहा है कि ‘जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के समस्याओं को सुलझाने के लिए आपलोगों के बीच फिर से रहूंगा उपस्थित.’

https://twitter.com/TejYadav14/status/1132152559651581952?ref_src=twsrc%5Etfw

जनता दरबार लगा कर बटोरी थीं सुर्खियां

तेज प्रताप यादव ने इससे पहले 24 दिसंबर, 2018 को जनता दरबार लगा कर लोगों की समस्याएं सुननी शुरू की थी. इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने के साथ-साथ त्वरित फैसले लेने को लेकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं. तेजप्रताप ने एक महिला फरियादी के जिला प्रशासन द्वारा आशियाना उजाड़ दिये जाने के बाद आरजेडी कार्यालय परिसर में ही रहने का फरमान सुना कर सुर्खियां बटोरी थीं. फरियादी पुष्पा देवी नाम की महिला के आशियाना उजाड़ने को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा था कि राज्य सरकार ने ऐसे लोगों को बेघर कर दिया है, तो हमें जिम्मेवारी लेनी ही पड़ेगी. वहीं, एक अन्य मामले में तेज प्रताप यादव फुलवारीशरीफ थाने पहुंच कर धरने पर ही बैठ गये थे. यादव ने कहा कि एक महिला ने मुझसे संपर्क कर कहा था कि उसकी बहन के ससुराल वाले दहेज के लिए उसे परेशान कर रहे हैं. इसके बाद तेज प्रताप यादव ने महिला की शिकायत पर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक को फोन लगाया. इसके बाद थाना प्रभारी के खिलाफ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गये थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि ‘जब मैंने निरीक्षक का नंबर लगाया, तो उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया. पुलिस निरीक्षक ने कहा कि उसे नहीं पता कि तेज प्रताप यादव कौन हैं. शराब प्रतिबंधित होने के बावजूद थाने में शराब की बोतल दिखायी पड़ी है. ऐसे पुलिसकर्मियों को निश्चित तौर पर बर्खास्त किया जाना चाहिए.’ हालांकि, पुलिस निरीक्षक ने बताया था कि ‘मुझे विधायक की ओर से कोई फोन नहीं आया. मैं एफआईआर दर्ज करने के लिए हमेशा तैयार हूं. लेकिन, जब तक कोई लिखित में नहीं देता है, हम ऐसा नहीं कर सकते हैं.’ फुलवारी शरीफ थाने में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के समर्थकों के साथ धरने पर बैठने की काफी चर्चा हुई थी.

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