25-35% कम बारिश की आशंका

पटना : इंडियन मेटेरोलोजिकल सोसायटी की बिहार इकाई ने कहा है कि बिहार में इस साल समर मॉनसून (जून से सितंबर) अवधि के दौरान 25-35% कम बारिश हो सकती है. सोसाइटी ने इसकी वजह अलनीनो को बताया है. यूं तो इसका समूचे देश पर असर है, लेकिन पूर्वी गंगेटिक जाेन विशेष रूप से बिहार व […]

पटना : इंडियन मेटेरोलोजिकल सोसायटी की बिहार इकाई ने कहा है कि बिहार में इस साल समर मॉनसून (जून से सितंबर) अवधि के दौरान 25-35% कम बारिश हो सकती है. सोसाइटी ने इसकी वजह अलनीनो को बताया है. यूं तो इसका समूचे देश पर असर है, लेकिन पूर्वी गंगेटिक जाेन विशेष रूप से बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलनीनो पिछले कुछ वर्षों से एक अंतराल के बाद खतरनाक रूप में सामने आता है.

बिहार में समर मॉनसून के दौरान सामान्य तौर पर 1027 मिलीमीटर बारिश होती है. इसमें से 25-35% की कमी आ सकती है. पिछले साल मॉनसून के पूरे सत्र में करीब 25% बारिश कम हुई थी. फिलहाल आइएमडी का पूर्वानुमान है कि औसत से 5 फीसदी से अधिक या इतनी ही कम (96 से 104%) बारिश हो सकती है. प्रदेश के कुछ जिलों में सूखे की स्थिति भी बन सकती है.

खेती पर असर : इंडियन मेटेरोलोजिकल
सोसायटी का कहना है कि कम बारिश से खेती, खासतौर पर धान के उत्पादन पर खराब असर पड़ सकता है. लिहाजा किसानों को अभी से पानी प्रबंधन पर फोकस करना चाहिए.

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