पटना : निगरानी के प्रभारी न्यायाधीश विपुल कुमार सिन्हा की अदालत ने बुधवार को पूर्व आइएस केपी रामय्या को आत्मसमर्पण करने पर नियमित जमानत दे दी.
केपी रामय्या दशरथ मांझी कौशल विकास योजना के गबन मामले में एक अभियुक्त हैं. इन पर अन्य अभियुक्तों के साथ आपसी षडयंत्र कर पद का दुरुउपयोग करते हुए लगभग चार करोड़ रुपये राजस्व की क्षति पहुंचाने का अारोप है. अदालत में रामय्या ने बुधवार को अपने अभिवक्ता के माध्यम से आत्मसपर्मण किया था.
जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 20 हजार के दो निजी मुचलकों का बंद पत्र दाखिल करने पर जमानत दे दी. हालांकि, निगरानी के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने जमानत का विरोध किया था. आरोपित रामय्या गबन के समय मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी थे और उनके अल्प कार्यकाल के दौरान ही रोक के बावजूद सबसे अधिक पैसे की निकासी हुई थी.
