बिहार की सभी नावों का पिछले साल ही होना था रजिस्ट्रेशन, पर अब तक नहीं पूरा हो पाया काम
पटना : राज्य की विभिन्न नदियों में करीब 10, हजार नावों का परिचालन हो रहा है, लेकिन इनमें से सौ से भी कम नावों का निंबंधन हो पाया है. सरकार ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को नावों के रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी सौंपी है, अधिकतर डीटीओ इसमें पीछे चल रहे हैं. गंगा में चलने वालों सभी नावों का रजिस्ट्रेशन पिछले वर्ष ही करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया. गंगा नदी में खुलेआम बालू व शराब का अवैध कारोबार चल रहा है. गंगा में नावों पर ओवरलोडिग भी हो रही है.
नाव का रजिस्ट्रेशन के बाद कोड के माध्यम से नाव की जांच करना बेहद आसान हो जाता. अवैध बालू या शराब करने वाले नाव छोड़ कर भाग भी जाते, तो उनके कोड से मालिक तक पुलिस पहुंच जाती. इस डर से रजिस्ट्रेशन किये नाव से गलत काम करना मुश्किल हो जाता है.
इन जिलों में हुआ रजिस्ट्रेशन
पटना, सारण, बेगूसराय, बाढ़ में कुछ हद तक नाव का रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है. इन जिलों में अभी तक 70 से अधिक नाम का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन बिहार के अधिकांश जिलों में इसको लेकर अभी तक काेई शुरूआत भी नहीं हाे पाया है. अधिकारियों के मुताबिक पूरे बिहार में लगभग 10 हजार से अधिक नाव है.
