पटना : 10 मई से मीठापुर बस स्टैंड की ज्यादातर प्राइवेट बसें चुनाव कार्य के लिए अधिगृहीत कर ली जायेगी. इससे पटना के बाहर बसों से आने जाने वाले लोगों को बहुत परेशानी होगी, क्योंकि लांग रूट की 600 बसों में से लगभग 400 बसें प्राइवेट हैं जो मीठापुर बस स्टैंड से खुलती हैं. इन प्राइवेट बसों के उपलब्ध नहीं होने की वजह से सरकारी बसों में भी भीड़ बहुत बढ़ जायेगी और लोगों के लिए उनसे आना जाना भी मुश्किल हो जायेगा. इस दौरान यात्रा के लिए रेलगाड़ी अधिक उपयुक्त होगी, हालांकि उसमें भी सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़ भाड़ बहुत बढ़ जायेगी.
एक हजार बसें होंगी जब्त
चुनाव कार्य के लिए 6600 वाहन जब्त होंगे, जिसमें बसों की संख्या लगभग एक हजार होगी. इसमें बड़ी बसों के साथ मिनी बसें भी शामिल होंगी. इसलिए बसों की जब्ती शुरू होने के बाद पटना से प्रदेश के दूरवर्ती जिलों को जानेवाली बस सेवा प्रभावित होने के साथ साथ पटना हाजीपुर जैसे स्थानीय रूट भी प्रभावित होंगे, जिनमें मिनी बसें बड़ी संख्या में चलती हैं.
बसों की जब्ती का असर लांग रूट के साथ-साथ नगर सेवा पर भी दिखेगा क्योंकि प्राइवेट सिटीराइड बसें भी बड़ी संख्या में जब्त होंगी. पिछले सप्ताह बाढ़ और समस्तीपुर के चुनाव के दौरान भी यह असर दिखा था क्योंकि वहां के लिए भी 365 में से 270 सिटीराइड बसें जब्त की गयी थी, जिससे कई रूटों में सिटी बसों का परिचालन पूरी तरह बंद हो गया था जबकि कई रूटों में घटकर आधे से भी कम रह गयी थी. 10 मई से 19 मई तक शहर क भीतर दोबारा ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हाेने वाली है. नगर सेवा की बसें अधिग्रहण से मुक्त होने से जरूर लोगों को थोड़ी राहत देंगी.
