अधिकारियों ने दिया था इलाज का आश्वासन, लेकिन नहीं की गयी कोई मदद
पटना : दिल्ली से पटना मगध एक्सप्रेस से यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला व पेट में पल रहे बच्चे की इलाज के अभाव में मौत हो गयी. महिला अपने पति के साथ दिल्ली से पटना जंक्शन आ रही थी. घटना मंगलवार की दोपहर की है. इधर ट्रेन जैसे ही पटना आयी तो परिजनों ने हंगामा किया और ट्रेन को इस्लामपुर तक नहीं जाने दिया. मौके पर रेलवे पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ. वहीं, मृतक के पति के बयान पर पटना जीआरपी में मामला दर्ज किया गया है.
क्या है मामला : मृतक के पति मो मोजाहिद ने बताया कि डाउन मगध एक्सप्रेस के बोगी संख्या एस-6 के 42 नंबर बर्थ पर पत्नी नजमा खातून व बच्चे के साथ पटना आ रहे थे. वे मधुबनी जिले के बाबूबरही के मूल निवासी हैं. नजमा लगभग आठ माह के गर्भ से थीं और उसे पीलिया रोग भी था. चलती ट्रेन में पत्नी की तबीयत खराब होने लगी, वहीं बक्सर आने से पहले ही उसकी मौत हो गयी. आरोप है कि टीटीइ ने भी उनकी मदद नहीं की है.
182 पर फोन के बाद भी नहीं मिला इलाज
पति का आरोप है कि पत्नी की बिगड़ती तबीयत को देखते उसने रेलवे के टोल फ्री 182 पर कॉल किया. कंट्रोल को अपनी पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना दी. उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन के अधिकारियों द्वारा मृतका के पति को आश्वासन दिया गया कि इलाहाबाद स्टेशन पर उन्हें मेडिकल इलाज की सुविधा रेलवे की ओर से दी जायेगी, लेकिन इलाहाबाद स्टेशन पर किसी तरह की कोई सुविधा नहीं मिली.
क्या कहते हैं अधिकारी
सफर के दौरान यात्रियों को इलाज मिले इसके लिए डॉक्टर सहित मेडिकल टीम रहती है. अचानक से तबीयत खराब होती है, तो नजदीक के स्टेशन पर मरीज को उताकर निजी, रेलवे या सरकारी अस्पताल में भर्ती रेलवे की ओर से कराया जाता है. मरीज की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी ली जायेगी.
राजेश कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूमरे
