पटना : विधवा की जमीन लिखाने से पूर्व एसडीओ की अनुमति की जरूरत पर मांगा जवाब

पटना : विधवा को जमीन लिखाने के पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति लेने के मामले में पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से 29 अप्रैल तक जवाब तलब करते हुए स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. न्यायमूर्ति ज्योति शरण तथा न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण की खंडपीठ ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. […]

पटना : विधवा को जमीन लिखाने के पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति लेने के मामले में पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से 29 अप्रैल तक जवाब तलब करते हुए स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. न्यायमूर्ति ज्योति शरण तथा न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण की खंडपीठ ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
आवेदिका की ओर से अधिवक्ता शंभू शरण सिंह तथा चंद्रकांत ने कोर्ट को बताया कि बेतिया के डीएम ने एक आदेश जारी कर एसडीओ को निर्देश दिया है कि किसी भी विधवा महिला द्वारा अपनी संपत्ति के हस्तांतरण करने या विक्रय दस्तावेज प्राधिकार पत्र तैयार करने के बाद दाखिल खारिज के समय अनुमंडल पदाधिकारी या उनके समकक्ष पदाधिकारी से अनुमति मिलने के बाद ही निबंधन किया जाये. अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि विधवा किसी दबाव तथा अनुचित प्रलोभन पर अपनी जमीन का निबंधन तो नहीं कर रही है.
उनका कहना था कि अपनी ही जमीन का निबंधन करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति लेने का निर्देश कानून गलत है. यह आदेश ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट सहित हिंदू लॉ तथा रेजिस्ट्रेशन एक्ट में किये गये कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है. इस प्रकार का निर्देश जारी करने का अधिकार डीएम और जिला निबंधक को नहीं है.
राज्य सरकार के वकील का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के आलोक में यह आदेश जारी किया गया है. इस पर आवेदिका के वकील का कहना था की सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस प्रकार का आदेश जारी करने का निर्देश नहीं दिया है. मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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