विजय सिंह
पटना : छपरा, भोजपुर और पटना के दियारे में कई सालों से वर्चस्व के जंग में विरोधी गैंग को चुनौती और पुलिस से लोहा लेने वाला सेना का भगौड़ा शंकर दयाल सिंह उर्फ फौजी का किला ढह गया है. रिविलगंज थाना क्षेत्र के दारोगा राय के डेरा दियारा में उसकी गर्दन कटी लाश मिली है.
14 अप्रैल को उसकी हत्या के बाद भोजपुर के कोइलवर, पटना के मनेर और सारण के दियारा में बालू खनन को लेकर खूनी खेल के किस्से सुर्खियों में आ गये हैं. बालू के अवैध खनन से फौजिया की खरीदी हुई जमीन, बैंक बैलेंस को लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं. लेकिन इन सबसे इतर फौजिया की हत्या के बाद दियारा की रेत की तरह माहौल भी गर्म हो गया है. गैंगवार की आशंका बढ़ गयी है.
सिपाही गैंग से मिली चुनौती
सात सालों से मनेर के दियारे में फौजिया का चल रहा था सिक्का
फौजी गिरोह ने वर्ष 2012 में मनेर के दियारा में पांव
जमा लिया था. बालू के अवैध कारोबार पर कुंडली मारकर बैठने के लिए फौजिया को कुख्यात अपराधी
नृपेंद्र राय उर्फ उपेंद्र का साथ मिला था. दोनों ने मिलकर ऐसा किला खड़ा किया जिसे विरोधी गैंग और
पुलिस भेदने में कई सालों से संघर्ष कर रही थी. दरअसल दियारा में वर्ष 2005 के बाद खूनी जंग तेज हो गयी थी.
