अधिगृहीत जमीन का मुआवजा नये कानून के तहत दे सरकार : हाइकोर्ट

पटना : हाइकोर्ट ने बिहटा-सरमेरा स्टेट हाइवे 78 के निर्माण में अधिगृहीत किये गये जमीन का मुआवजा नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत बाजार भाव से तीन माह के अंदर देने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाही व न्यायमूर्ति अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने गोनवा गांव के 13 किसानों की ओर से […]

पटना : हाइकोर्ट ने बिहटा-सरमेरा स्टेट हाइवे 78 के निर्माण में अधिगृहीत किये गये जमीन का मुआवजा नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत बाजार भाव से तीन माह के अंदर देने का निर्देश दिया है.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाही व न्यायमूर्ति अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने गोनवा गांव के 13 किसानों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया है.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल गोविंद मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2011-2012 में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण किये गये जमीन का मुआवजा देने की कार्रवाई शुरू हुई. लेकिन, जनवरी 2015 तक अवार्ड भी तैयार नहीं हुआ.
भू-अर्जन अधिकारी ने 13 जनवरी, 2015 को जमीन का अवार्ड तैयार कर जमीन मालिकों को दिया. याचिकाकर्ता का कहना था कि 2013 में नये कानून के आने के बाद पहली जनवरी, 2014 तक जिस जमीन का अवार्ड तैयार नहीं हुआ था वैसे जमीन का अवार्ड पहली जनवरी, 2014 से गणना कर बाजार भाव से बनाने का प्रावधान है.
लेकिन, राज्य सरकार इस कानून को नजरअंदाज कर अधिग्रिहित किये गये जमीन का मुआवजा पुराने दर से देने की कार्रवाई कर रही है. वहीं, राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया की राज्य सरकार ने कानून के तहत जमीन मालिकों को मुआवजा का भुगतान करने को अवार्ड तैयार कर लिया है.
महाधिवक्ता को सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को तीन माह के अंदर पहली जनवरी, 2014 के बाजार भाव से मुआवजा का भुगतान जमीन मालिकों को करने का आदेश दिया है.

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