पटना : कुख्यात उज्ज्वल गैंग के गुर्गों ने बिहटा के दो दुकानदारों से 18 जनवरी को एक-एक लाख की रंगदारी मांगी थी. लेकिन, मामले में बिहटा के तत्कालीन थानाध्यक्ष की ओर से प्राथमिकी नहीं दर्ज किये जाने के मामले को एसएसपी गरिमा मलिक ने गंभीरता से लिया है. एसएसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है.
जनवरी में ही अपराधियों ने मांगी थी रंगदारी
पटना : कुख्यात उज्ज्वल गैंग के गुर्गों ने बिहटा के दो दुकानदारों से 18 जनवरी को एक-एक लाख की रंगदारी मांगी थी. लेकिन, मामले में बिहटा के तत्कालीन थानाध्यक्ष की ओर से प्राथमिकी नहीं दर्ज किये जाने के मामले को एसएसपी गरिमा मलिक ने गंभीरता से लिया है. एसएसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह […]

फायरिंग की घटना के बाद मिली थी जानकारी : बताया जाता है कि एक अप्रैल को रंगदारी नहीं देने पर बिहटा थाने के कन्हौली बाजार स्थित सलोनी मिठाई दुकान पर दो अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी.
इस घटना के बाद यह बात एसएसपी के सामने आयी कि अपराधियों ने सलोनी मिठाई दुकान के दुकानदार रामजी प्रसाद से जनवरी माह में ही रंगदारी मांगी थी.
साथ ही एक और व्यवसायी मदन प्रसाद गुप्ता से भी रंगदारी मांगी गयी थी. इसके बाद उसी समय दोनों व्यवसायियों ने इसकी शिकायत बिहटा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष से की थी.
लेकिन, उन्होंने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी. एक अप्रैल को फायरिंग की घटना के बाद एसएसपी गरिमा मलिक के समक्ष व्यवसायियों ने यहीं बात रखी और बताया कि उनकी सूचना पर उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी और न ही काेई कार्रवाई की गयी थी. इसके बाद एसएसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है.
इधर, प्राथमिकी नहीं दर्ज किये जाने के मामले में एसएसपी के निर्देश पर फिलहाल दानापुर के डीएसपी अशोक कुमार मिश्रा जांच कर रहे हैं. फिलहाल उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को नहीं सौंपी है. एसएसपी ने बताया कि व्यवसायियों ने प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने की जानकारी दी है और इस आधार पर तत्कालीन थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है.