आइजीआइएमएस का मामला
पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में बेड की कमी के बीच जैसे-तैसे इलाज करा रहे मरीजों को आये दिन अलग-अलग परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन परेशानियों के बीच अब संस्थान के कुछ ऐसे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ हैं, जो बेड एलॉट होने के बाद भी दूसरे या अपने चहेते मरीज को बेड मुहैया करा रहे हैं.
इस तरह का मामला आइजीआइएमएस में देखने को मिला है. दरअसल भोजपुर बिहिया की रहने वाली सुजाता देवी को न्यूरो संबंधी परेशानी होने के बाद परिजन आइजीआइएमएस लेकर आये. हालत गंभीर होते देख आइजीआइएमएस प्रशासन ने बेड मुहैया करा दिया. लेकिन सुजाता देवी की जगह उस बेड पर दूसरे मरीज को शिफ्ट कर दिया गया. भर्ती होने आयी महिला से पहले दूसरे को दे दिया बेड: महिला के पति अजय कुमार ने कहा कि गर्दन के पास नस दबने के साथ ही कई तरह की दिक्कत हो रही थी. इसको देखते हुए आइजीआइएमएस के न्यूरो विभाग में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी की बात कही.
इसके बाद सुजाता को न्यूरो सर्जरी विभाग का बेड नंबर 47 एलॉट हुआ. पर्ची पर बेड नंबर के साथ सीआर नंबर 040129/19 दिया गया. जैसे ही हम लोग 47 नंबर बेड पर पहुंचे, तो वहां दूसरे मरीज को शिफ्ट कर दिया गया. जब पूछताछ की गयी तो पता चला कि किसी नर्सिंग स्टाफ के परिचित को बेड मुहैया करा दिया गया है.
नहीं होगी परेशानी
मरीजों की संख्या अधिक व बेड कम होने की वजह से सभी मरीजों को भर्ती करने में परेशानी हो रही है. बेडों की संख्या और बढ़ाने की जरूरत है, जिस पर कार्य किया जा रहा है. पर्ची पर जिस मरीज को बेड दिया जाता है, नियमानुसार उसे ही बेड मिलना चाहिए. लेकिन सुजाता देवी के पति की बात सही निकली, तो उन्हें तुरंत बेड दिया जायेगा और गड़बड़ी पाये जाने वाले कर्मियों से पूछताछ की जायेगी.
डॉ मनीष मंडल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, आइजीआइएमएस
